अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और अनाज दोनों का अपमान कर रही है। मंडियों में बायोमीट्रिक, ट्रैक्टर वेरिफिकेशन और 3 गारंटर जैसे नियम किसानों को राहत देने के बजाय उन्हें परेशान करने के लिए बनाए गए हैं।
हुड्डा ने कहा कि मंडियों में हालात बेहद खराब हैं। न बारदाना है, न तिरपाल, न मजदूर और न ही सही इंतजाम। किसान अपनी फसल लेकर पहुंच रहे हैं लेकिन उठान न होने से गेहूं मंडियों में ही पड़ा है और भुगतान भी अटका हुआ है।
उन्होंने मांग की कि बायोमीट्रिक सिस्टम बंद किया जाए और ट्रैक्टर-ट्राली पर नंबर प्लेट की अनिवार्यता खत्म हो। साथ ही गेहूं की नमी की सीमा 14 फीसदी तय की जाए और बारिश से खराब हुई फसल खासकर काले दाने वाली गेहूं की खरीद में छूट दी जाए। कहा कि अगर स्थिति न बदली तो गेहूं खरीद में महीनों लग जाएंगे। उन्होंने सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर हर दाने की खरीद सुनिश्चित करने, बोनस देने और फसल नुकसान का मुआवजा देने की मांग की।