प्रदेश कांग्रेस अनुशासन कमेटी की पहली बैठक में अहम फैसले, 5 जोन में बांटा समिति
अब नेताओं को पढ़ाई जाएगी आचार संहिता का पाठ, हर जोन में होंगी बैठकें
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस अब अपने घर को अनुशासन के दायरे में लाने के लिए गठित पांच सदस्यीय अनुशासनात्मक कमेटी की पहली बैठक रविवार को चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में हुई। कमेटी ने स्वीकार किया कि गुटबाजी, अनुशासनहीनता व बयानबाजी के कारण कांग्रेस को नुकसान हुआ है। इसलिए प्रदेश को पांच जोनों में बांटने, हर जोन में अनुशासन और आचार संहिता पर जागरूकता बैठकों का आयोजन करने सहित कई अहम फैसले लिए गए। साथ ही शिकायतों व सुझावों के लिए एक समर्पित ई-मेल dac.hpccgmail.com बनाई गई है। कमेटी के चेयरमैन धर्मपाल सिंह मलिक की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जगाधरी विधायक अकरम खान, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, पूर्व विधायक अनिल धंतौड़ी और सदस्य सचिव व वरिष्ठ अधिवक्ता रोहित जैन शामिल रहे।
रविवार सुबह 10.40 बजे बैठक में पार्टी अनुशासन से जुड़ी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा हुई और किसी नेता या कार्यकर्ता को लक्ष्मण रेखा पार न करने का हिदायत जारी किया गया। कमेटी चेयरमैन ने बताया कि आने वाले दिनों में जोन-वाइज बैठकें आयोजित होंगी जिनमें जिलास्तरीय पदाधिकारियों, प्रमुख नेताओं और ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं को बुलाया जाएगा। इन बैठकों में उन्हें अनुशासन की आचार संहिता कायदे से पढ़ाई और समझाई जाएगी।
नेता कोई भी हो नियम तोड़ा तो कार्रवाई तय : धर्मपाल सिंह
मीडिया से चेयरमैन धर्मपाल सिंह मलिक ने कहा, पार्टी का संविधान और नियम सबसे ऊपर हैं। नेता चाहे कितना ही बड़ा क्यों न हो, अगर उसने नियम तोड़े तो कार्रवाई तय है। उन्होंने बताया कि कमेटी का गठन 28 अक्तूबर को हुआ है। इसलिए अब 28 अक्तूबर के बाद सामने आने वाले अनुशासनहीनता के मामलों पर ही कार्रवाई की जाएगी। पुराने मामलों में कमेटी दखल नहीं देगी जबकि कमेटी किसी मामले को स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई कर सकती है। मलिक ने विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के कारण भी गुटबाजी, बयानबाजी और अनुशासनहीनता रही। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस को वोट देना चाहती थी लेकिन हमारे अपने नेताओं की खींचतान और आपसी टकराव ने जनसमर्थन को नुकसान पहुंचाया। जनता का कोई दोष नहीं था, गलती हमारी ही थी। हम पहले अपने घर को व्यवस्थित करेंगे, तभी जनता का भरोसा वापस जीत पाएंगे।
कमेटी का क्षेत्राधिकार भी निर्धारित
कमेटी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मामलों का संबंध प्रदेश संगठन के अधिकार क्षेत्र से है, उन पर सुनवाई के बाद तुरंत फैसला लिया जाएगा। वहीं, सांसदों, एआईसीसी सदस्यों या राष्ट्रीय पदाधिकारियों से जुड़े मामलों में रिपोर्ट हाईकमान को भेजी जाएगी।
कमेटी अब करेगी ग्राउंड विजिट
कमेटी ने आने वाले हफ्तों में जिला और ब्लॉक स्तर तक जाकर ग्राउंड विजिट करने का फैसला लिया है। हर जोन में होने वाली बैठकों में स्थानीय नेताओं को बुलाया जाएगा और उन्हें अनुशासन, संगठन के प्रति जिम्मेदारी और आचार संहिता से अवगत कराया जाएगा। साथ ही समस्त कांग्रेसजनों, विशेषकर बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के पार्टी पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों, पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों को सुझाव दिया गया कि अपने-अपने घरों व वाहनों पर पार्टी का झंडा लगायें।
इस तरह होंगे जोन
1. पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व कैथल।
2. करनाल, पानीपत, सोनीपत व जींद।
3. गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह व पलवल।
4. रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी व चरखी दादरी।
5. फतेहाबाद, हिसार व सिरसा।