- डा. केके खंडेलवाल और एके सिंह की लिखी किताब का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन
- हैंडबुक नहीं बल्कि वर्षों के अनुभव, चुनौतियों और सीख की यात्रा का संकलनः डा. खंडेलवाल
- नए अधिकारियों के लिए मार्गदर्शनक साबित होगी पुस्तकः अमित अग्रवाल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी (सेवानिवृत्त) डॉ. केके खंडेलवाल और आईएएस अधिकारी एके सिंह द्वारा लिखी एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट्स बुक का विमोचन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा निवास चंडीगढ़ में किया। हरियाणा आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित विमोचन समारोह में सीएम ने कहा कि यह पुस्तक हर नए, युवा और अनुभवी अधिकारी को दिशा देने और निर्णय क्षमता बढ़ाने वाली सिद्ध होगी।
सीएम ने कहा कि डॉ. केके खंडेलवाल का इंजीनियर, विधि विशेषज्ञ, प्रशासक, लेखक और सार्वजनिक सेवक के रूप में व्यापक अनुभव प्रशासनिक प्रणाली के लिए अमूल्य रहा है। वर्तमान में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के चीफ नेशनल कमिश्नर के रूप में उनका मार्गदर्शन युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित कर रहा है। इसी प्रकार अपूर्व कुमार सिंह ने ऊर्जा, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, अर्बन एस्टेट, खनन, सिंचाई एवं जल संसाधन विभागों में अपने नेतृत्व से राज्य को नई दिशा प्रदान की है।
केके खंडेलवाल ने कहा कि इस पुस्तक का उद्देश्य युवा अधिकारियों के हाथों में एक ऐसा व्यावहारिक दस्तावेज देना है जिससे उनका आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता बढ़ेगी। एक युवा अधिकारी का एक सही आदेश समाज में विश्वास पैदा करता है। यह पुस्तक केवल एक हैंडबुक नहीं बल्कि वर्षों के अनुभव, चुनौतियों और सीख की यात्रा का संकलन है। आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि यह पुस्तक प्रशासनिक प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह पुस्तक नए अधिकारियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देर रात तक जनता के कार्यों में लगे रहते हैं और सुबह फिर से जुट जाते हैं। इसी नॉनस्टॉप मेहनत का नतीजा है कि प्रदेश तीन आपराधिक कानून पूरी तरह के लागू करने में अग्रणी रहा है।
पुस्तक में विभिन्न विषयों का विस्तृत विवरण
खंडेलवाल ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता 2023 लागू होने के बाद फील्ड प्रशासन की भूमिका में कई नई परिस्थितियां और जिम्मेदारियां सामने आई हैं। इस पुस्तक में विभिन्न पहलुओं का विस्तृत, विवेचनात्मक और अत्यंत व्यावहारिक विवरण दिया गया है। इनमें निवारक न्याय, सुरक्षा कार्यवाही, मजिस्ट्रियल जांच, मृत्यु घोषणाओं, पहचान परेड, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने, दंगा नियंत्रण, मानहानि, अवमानना, अनुशासनिक अधिकार व अन्य विषय शामिल हैं।