अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के बैनर तले शनिवार को राज्यभर से आए सैकड़ों शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के कैंप कार्यालय पानीपत पर राज्य प्रधान प्रभु सिंह की अध्यक्षता में जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने 11 नवंबर को प्रस्तावित वार्ता में शिक्षकों की मांगों पर ठोस पहल नहीं की तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि शिक्षा की गिरती गुणवत्ता के लिए शिक्षक नहीं बल्कि सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने मांग की कि गैर-शैक्षणिक कार्य शिक्षकों से न लिए जाएं। शिक्षा बजट राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बढ़ाया जाए और दो वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कच्चे अध्यापकों को नियमित किया जाए।
संघ ने कौशल रोजगार निगम को समाप्त कर विभागीय नियुक्तियां शुरू करने, 1 जनवरी 2026 से राज्य वेतन आयोग गठित करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मांग उठाई। साथ ही अनुबंधित महिला अध्यापिकाओं को मातृत्व अवकाश, करमुक्त आय सीमा 5 लाख रुपये करने और एचकेआरएन शिक्षकों से टैक्स वसूली समाप्त करने की मांग की।