भारत के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब लगातार आठवीं बार मध्य प्रदेश के इंदौर ने अपने नाम किया है। वहीं 50 हजार से तीन लाख की आबादी वाले शहरों में करनाल ने देशभर में तीसरा और प्रदेश में पहला स्थान पाया। देशभर में बेहतर प्रदर्शन करने पर करनाल को प्रेसिडेंशियल अवाॅर्ड दिया गया। इसके अलावा सोनीपत को प्रदेश में स्वच्छता के लिए सबसे बेहतर कार्य करने पर मिनिस्टीरियल अवाॅर्ड मिला है।
तीन से दस लाख की आबादी वाले शहरों में हरियाणा का कोई शहर टॉप-3 में नहीं आया लेकिन हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ दूसरे स्थान पर रही। इस श्रेणी में नोएडा पहले व मैसूर तीसरे स्थान आया है। दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए बनाई गई नई श्रेणी स्वच्छ शहर में अहमदाबाद पहले, भोपाल दूसरे व लखनऊ तीसरा स्थान पर है। प्रयागराज को सर्वश्रेष्ठ गंगा शहर का पुरस्कार दिया गया। दुनिया के सबसे बड़े आयोजन महाकुंभ में बेहतरीन शहरी अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रयागराज मेला अधिकारी और प्रयागराज नगर निगम को भी विशेष पुरस्कार दिए गए।
वीरवार को केंद्र सरकार ने वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण की घोषणा की। राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चार श्रेणियों में कुल 78 पुरस्कार प्रदान किए जिनमें केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री व हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल भी शामिल हुए। हरियाणा की तरफ से निकाय मंत्री विपुल गोयल ने दोनों सम्मान प्राप्त किए। उनके साथ करनाल की मेयर रेणु बाला व सोनीपत के मेयर राजीव जैन भी मौजूद रहे।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में हरियाणा के शहरों ने इस बार बेहतर प्रदर्शन किया है। परिणामों के अनुसार इस बार अलग-अलग श्रेणियों में देश के टाॅप-70 शहरों में हरियाणा के भी 10 हैं, जबकि पिछली बार कोई भी शहर टाॅप-100 में भी नहीं था। देशभर में हरियाणा की ओवरऑल रैंक भी 14वीं आई थी। इस बार तीन लाख से 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों में रोहतक को देशभर में 25वां, 10
लाख तक वालों में फरीदाबाद को 34वां, सोनीपत 38वां, पानीपत 39वां, गुरुग्राम 41वां, यमुनानगर 47वां, हिसार 59वां और फतेहाबाद को 70वां स्थान मिला। अंबाला कैंट भी कैंट क्षेत्र की सूची में इस बार देश में आठवें पायदान पर है। फतेहाबाद पिछली बार 1371वें स्थान पर रहा था, जबकि इस बार इसने सबसे बड़ी छलांग गई है।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इंदौर, सूरत और नवी मुंबई पिछले कुछ वर्षों में सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में शीर्ष पर रहे हैं और स्वच्छता के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित किए हैं।
13 शहरों को वाटर प्लस का प्रमाण-पत्र
स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के लिए 87 में से 18 शहरों ने वाटर प्लस के लिए आवेदन किया था लेकिन यह प्रमाण-पत्र 13 शहर ही पा सके हैं। सामुदायिक और सार्वजनिक शाैचालयों का पानी सड़कों पर न बहे, इस श्रेणी में यह इंतजाम करना होता है।
छह शहरों को स्टार रेटिंग
हरियाणा के तीन शहरों ने 7 स्टार, 53 शहरों ने 3-स्टार व 21 शहरों ने 1-स्टार के लिए आवेदन किया था, लेकिन स्टार रेटिंग छह शहरों को ही मिल सकी। करनाल और सोनीपत को 3-3 स्टार रेटिंग जबकि रोहतक, पानीपत, गन्नाैर व समालखा को 1-1 स्टार रेटिंग मिली है।
ये चार सुधार लाकर करनाल ने पाई सफलता
- स्वच्छता का संदेश देने के लिए अपने कार्यालय कचरामुक्त किए।
-सफाई व कचरा संग्रहण का समय तय किया। जनता को सीधे जोड़ा।
- सभी 20 वार्ड में रिडूज, रीयूज, रिसाइकल सेंटरों की स्थापना की।
- जीरो वेस्ट मार्केट जोन, नो वेंडिंग जोन व आत्मनिर्भर वार्ड अभियान कारगर रहे।
सोनीपत ने भी स्वच्छता की दिशा में ये कदम बढ़ाए
- डोर-टू-डोर कचरे के संग्रहण से जुड़े वाहनों की जीपीएस से निगरानी
- कचरा डालने वाले प्वाइंट आबादी वाले क्षेत्रों से दूर किए, संख्या 51 से घटाकर 20 तक लाए।
- कच्चे क्वार्टर वाले स्थान पर सेल्फी प्वाइंट व मिनी गार्डन बनाए।
- सामुदायिक जागरूकता अभियान व मेगा क्लीनिंग अभियान चलाया।
प्रदेश में टाॅप-10 शहर
निकाय संस्था प्रदेश में रैंक देश में रैंक आबादी की श्रेणी
1. करनाल 01 03 (50 हजार से 3 लाख)
2. सोनीपत 02 38 (50 हजार से 3 लाख )
3. पानीपत 03 39 (50 हजार से 3 लाख)
4. फतेहाबाद 04 70 (50 हजार से 3 लाख)
5. रोहतक 05 25 (03 लाख से 10 लाख)
6. गोहाना 06 123 (50 हजार से 3 लाख)
7. गुरुग्राम 07 41 (03 लाख से 10 लाख)
8. अंबाला कैंट 08 08 (कैंट क्षेत्र में)
9. रादाैर 09 324 (20 हजार)
10. घराैंडा 10 233 (20 हजार से 50 हजार)
करनाल और सोनीपत को मिले अवाॅर्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान में हरियाणा की उपस्थिति का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में आने वाले समय में स्वच्छता की दिशा में प्रदेश सरकार नए आयाम स्थापित करेगी।
-विपुल गोयल, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री, हरियाणा
स्वच्छता में बेहतर रैंक पाने वाले शहरों को बधाई। सभी प्रदेशों के निकाय मंत्रियों का सम्मेलन करवाया जाएगा ताकि शहरों के विकास से लेकर स्वच्छता के लिए और बेहतर कार्ययोजना तय हो सके।
-मनोहर लाल, केंद्रीय मंत्री।