- प्रति विद्यार्थी 30 रुपये निदेशालय को भेजने का है नियम
- रकम जमा करवाने के लिए अब 10 दिन का अल्टीमेटम
कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। राज्य के 188 सरकारी, 96 सहायता प्राप्त और 94 स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों को मिलाकर 378 कॉलेजों की ओर से चार साल में 1.29 करोड़ रुपये की छात्र निधि निदेशालय में जमा नहीं की गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने 2022-23 से 2025-26 तक प्रति विद्यार्थी 30 रुपये के हिसाब से निदेशालय को राशि 10 दिन के भीतर भेजने का अल्टीमेटम जारी किया है। चार वर्षों में करीब 4.30 लाख दाखिलों के आधार पर यह राशि लगभग 1.29 करोड़ रुपये बनती है। तय समय में राशि जमा नहीं होने पर संबंधित संस्थानों की जवाबदेही तय की जाएगी। उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक एस नारायण की तरफ से आदेश जारी किया गया है।
कॉलेजों में छात्र कल्याण निधि के तहत प्रत्येक विद्यार्थी से 70 रुपये लिए जाते हैं। इसमें से 40 रुपये कॉलेज अपने पास रखता है जबकि 30 रुपये प्रति विद्यार्थी निदेशालय को भेजे जाते हैं। राशि जमा न होने पर इस शैक्षणिक सत्र में निदेशालय ने सख्ती दिखाई है।
विद्यार्थी हित में निधि का उपयोग
इस निधि का उपयोग विद्यार्थियों के लिए सांस्कृतिक, साहित्यिक, खेल, व्यक्तित्व विकास और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के संचालन में किया जाता है। कॉलेज अपने हिस्से की 40 रुपये प्रति विद्यार्थी राशि स्थानीय स्तर पर छात्र कल्याण कार्यक्रमों पर खर्च कर सकते हैं जबकि निदेशालय को भेजी जाने वाली राशि विभागीय स्तर की छात्र हित योजनाओं में इस्तेमाल होती है।
राशि जमा न होने का असर व कार्रवाई के प्रावधान
छात्र कल्याण निधि की राशि लंबित रहने से विभागीय स्तर पर छात्र कल्याण कार्यक्रमों और संबंधित गतिविधियों के लिए धन जारी होने में देरी हो सकती है। आदेश के बावजूद राशि जमा नहीं करने वाले संबंधित कॉलेजों की जवाबदेही तय की जाएगी। इसके अतिरिक्त जुर्माना, ब्याज, अनुदान रोकने या अन्य दंडात्मक कार्रवाई के प्रावधान भी हैं।