फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh-Haryana News: राज्य सूचना आयोग ने बिजली निगम पर लगाया दो हजार का जुर्माना

विज्ञापन
विज्ञापन
-यह राशि उपभोक्ता को बिजली निगम फंड से दी जाएगी
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा राज्य सूचना आयोग (राइट टू सर्विस कमीशन) ने महेंद्रगढ़ के एक उपभोक्ता के मामले में बिजली निगम पर दो हजार रुपये जुर्माना लगाया है। बिजली निगम अपने फंडे से उपभोक्ता को यह राशि देगा, जबकि निगम इस राशि को संबंधित एमआर (मीटर रीडिंग) एजेंसी या दोषी अधिकारियों से वसूलेगा।
महेंद्रगढ़ निवासी मदन लाल ने आयोग में 16 फरवरी को औसत बिलिंग के आधार पर तीन वर्षों तक बिजली बिल जारी किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। आयोग ने 27 मई 2025 को प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी एवं एसडीओ (ऑपरेशन), सब-डिवीजन (बिजली), बूचावास और डीओ एवं सीए (ऑपरेशन), सब डिवीजन (बिजली), बूचावास से दो जून तक जांच का ब्योरा तलब किया था। आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता की अध्यक्षता में सुनवाई हुई। निर्देश दिए थे कि वे मामले की जांच कर 2 जून तक कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करें। आयोग ने 4 जून को सुनवाई में पाया कि सितंबर 2022 से मार्च 2024 तक शिकायतकर्ता को औसत खपत के आधार पर अत्यधिक बिजली बिल जारी किए गए थे। उपभोक्ता की शिकायतों के बाद मीटर को फरवरी 2024 में बदल दिया। इसके बाद खपत के आधार पर बिजली निगम ने बिल भेजे। हालांकि विभाग ने बिलों की समीक्षा करते हुए 36 हजार 830 रुपये की राशि मई 2025 के बिल में उपभोक्ता को समायोजित भी कर दी थी। द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी ने 500 रुपये का जुर्माना लगाया लेकिन आयोग ने उपभोक्ता की मानसिक परेशानी को देखते हुए जुर्माने की राशि बढ़ाकर दो हजार रुपये कर दी।।
विज्ञापन
विज्ञापन


एनआईसी के आईटी निदेशक को 16 जून को देना होगा स्पष्टीकरण
आयोग ने बयान जारी करके यह भी बताया कि आरटीएस की समय-सीमा 25 फरवरी 2025 को समाप्त हो गई थी। ऐसे में पहली अपील (ऑटो अपील) चार अप्रैल को दर्ज की गई, जोकि 26 फरवरी को स्वतः दर्ज हो जानी चाहिए थी। आयोग ने तकनीकी गड़बड़ी मानते हुए एएएस पोर्टल का संचालन से जुड़े एनआईसी के आईटी निदेशक को 16 जून तक स्पष्टीकरण देने को कहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें