हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) ने अपने संगठन की नई राज्य कार्यकारिणी का गठन कर दिया है। यह कार्यकारिणी आगामी तीन वर्षों (2025-2028) तक कार्यरत रहेगी। हसला के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु ने नई कार्यकारिणी की घोषणा की।
सिंधु ने बताया कि हरियाणा में सरकारी स्कूलों में प्राध्यापकों के 43,804 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से लगभग 31,000 पदों पर कार्यरत प्राध्यापक हसला से जुड़े हुए हैं जिससे यह संगठन शिक्षा विभाग का सबसे बड़ा संगठन बन गया है।
नई कार्यकारिणी में प्रमुख नियुक्तियां इस प्रकार रहीं
डॉ. कप्तान (झज्जर) – संरक्षक
अशोक बाल्याण (पलवल) – वरिष्ठ उपप्रधान
डॉ. तरसेम कौशिक (कुरुक्षेत्र) – राज्य महासचिव
ईश्वर ढांढा (कैथल) – संजोयक
प्रदीप लौरा (फतेहाबाद) – सलाहकार
सोहन पाल (कैथल) – उप महासचिव
पवन सिंह (सोनीपत) – वित्त सचिव (लगातार चौथी बार)
अजीत चंदेलिया (सोनीपत) – प्रेस सचिव (लगातार चौथी बार)
डॉ. कृष्ण कुमार (गुरुग्राम) – उप वित्त सचिव
विक्रम (हिसार) – प्रवक्ता
राजेश कुमार (हिसार) – ऑडिटर
अमरजीत सिंह पान्नू (हिसार) – शैक्षिक प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष
सुखबीर सिंह (रोहतक) – न्यायिक प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष
जगबीर देसवाल (सोनीपत)– कार्यकारी प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष
महिला भागीदारी को प्राथमिकता
इस बार विशेष रूप से महिला प्रकोष्ठ का गठन भी किया गया है। ज्योति शर्मा (फरीदाबाद) – महिला उप महासचिव, डॉ. सुशेन चौधरी (पानीपत), नीलम कुंडू (रोहतक), सोनम रिढाल (फतेहाबाद), विम्मी (सिरसा), जगजीत संधू (यमुनानगर), राजेश रानी (सोनीपत) महिला उपाध्यक्ष
अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की कोशिश: सतपाल सिंधु
राज्य प्रधान सतपाल सिंधु ने कहा कि कार्यकारिणी के गठन में अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। सभी जिलों से समन्वय बनाकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
प्रमुख मांगों पर रहेगा फोकस
संगठन द्वारा आगामी समय में जिन मुख्य मुद्दों को लेकर कार्रवाई की जाएगी, उनमें पुरानी पेंशन योजना की बहाली, कॉलेज कैडर में पदोन्नति, विभागीय भर्ती के लिए HCS आवेदन की अनुमति, वरिष्ठता सूची का अद्यतन, प्रिंसिपल प्रमोशन रेशो में वृद्धि, अध्यापकों के आश्रितों के मेडिकल री-इम्बर्समेंट से जुड़े मसलों का समाधान, गैर-शैक्षणिक कार्यों का विरोध, स्थायीकरण सूची जारी करवाना, कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करवाना और आगामी ट्रांसफर ड्राइव में रिक्त पदों की अधिकतम उपलब्धता शामिल हैं।
वहीं, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिन्धु, महल सिंह, ऋषिपाल मथाना, अनिल यादव, किताब सिंह मोर एवं दयानंद दलाल ने सभी नवनियुक्त सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए आशा जताई कि नई कार्यकारिणी प्राध्यापकों के हितों की रक्षा के लिए न केवल प्रतिबद्ध रहेगी, बल्कि संगठन को नई ऊंचाइयों पर भी ले जाएगी।