चंडीगढ़। प्रदेश में 5 हजार से अधिक निजी स्कूलों की सोसायटी का नवीनीकरण अटका हुआ है। इसकी मुख्य वजह नवीनीकरण के लिए फीस जमा कराने के कानून बनाने में विसंगतियां है।
चौंकाने वाली बात है कि सरकार की तरफ से हरियाणा रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन ऑफ सोसायटी एक्ट 2012 लागू किया गया था। स्कूलों को अपनी सोसायटियों के नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन प्रति वर्ष 700 रुपये फीस जमा करने का प्रावधान था। इसके बावजूद विभाग की तरफ से ऑनलाइन पोर्टल ही साल 2017 में बनाया गया है।
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने बताया कि सोसायटी एक्ट 2012 में बनने के बावजूद पोर्टल नहीं बनने के कारण फीस जमा करने का कोई तरीका ही नहीं था। साल 2017 में ऑनलाइन पोर्टल बनाने के बाद स्कूलों के पंजीकृत सोसायटी के नवीनीकरण के लिए अब निर्धारित 700 रुपये फीस के अतिरिक्त 20 रुपये रोजाना लेट फीस भी लगाना शुरू कर दिया है। जबकि, स्कूलों पर लेट फीस के बारे में कोई नोटिफिकेशन या सूचना तक नहीं दी गई। गलत तरीके से लगने वाले इस जुर्माने की माफी के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ स्कूल प्रतिनिधियों ने बैठक करके मांग रखी है। अभी तक कोई हल निकलता नहीं दिख रहा है।