सोनीपत में एनएचएम कर्मी भूपेंद्र नैन, डॉ. तेजेंद्र खोखर, प्रदीप, प्रवीन मलिक ने कहा कि वर्ष 2018 से उन्हें ग्रेड पे के हिसाब से वेतन मिल रहा है। अब एनएचएम की ओर से कर्मियों को 7वें वेतन आयोग के हिसाब से वेतन देने का प्रस्ताव भेजा गया था। वित्त विभाग ने इस पर आपत्ति जताई कि जब कर्मियों के लिए सेवा नियम बनाए गए तो वित्त विभाग की अनुमति नहीं ली गई थी। जिसके चलते सेवा नियमों को फ्रीज करने के लिए कहा है। एनएचएम के निदेशक की तरफ से आदेश जारी होने पर एनएचएम कर्मियों में रोष है।
कर्मियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। आचार संहिता लगने से पहले एनएचएम कर्मियों ने अपनी हड़ताल की थी। एनएचएम कर्मचारी वेतन विसंगतियां दूर कराने, नियमित किए जाने की मांग को लेकर 26 जुलाई से हड़ताल कर रहे थे। 16 अगस्त को आचार संहिता लागू होने के बाद कर्मियों ने हड़ताल स्थगित की थी। सरकार बनने के बाद कर्मियों को मांगें पूरी होने की उम्मीद थी, लेकिन इनके उलट आदेश जारी होने से कर्मी काली दिवाली मनाने को मजबूर हैं।
कर्मचारियों ने हिसार के सीएमओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए निदेशक के आदेश की प्रतियां जलाईं। इस फैसले से राज्य के 18,000 एनएचएम कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है, जो इसे "काली दीवाली" के रूप में मना रहे हैं।
भारतीय मजदूर संघ से जुड़े स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन शर्मा ने कहा, "दीवाली आमतौर पर हर घर में खुशी और उत्साह के साथ मनाई जाती है, लेकिन हरियाणा सरकार ने हमारे लिए यह त्यौहार निराशा का दिन बना दिया है।" उन्होंने बताया कि सरकार ने एनएचएम कर्मचारियों के सेवा नियम फ्रीज कर उन्हें बड़ा झटका दिया है।
संघ के राज्य उपाध्यक्ष जगत बिसला ने कहा कि हाल ही में एनएचएम कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को दीवाली की शुभकामनाएं और सरकार की तीसरी बार बहुमत से वापसी पर बधाई दी थी, लेकिन बदले में सरकार ने कर्मचारियों के सेवा नियम फ्रीज करने का आदेश जारी कर दिया। इससे पूरे प्रदेश में एनएचएम कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया है।
बुधवार को छोटी दीवाली के अवसर पर हरियाणा के सभी जिलों में एनएचएम कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और निदेशक के आदेशों की प्रतियां जलाईं। विपिन शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इस पर संज्ञान नहीं लिया, तो एनएचएम कर्मचारी मजबूरन काली दीवाली मनाएंगे और आंदोलन की राह पर चलेंगे।