बीपीएल परिवारों को उच्च नस्लों की भेड़ उपलब्ध कराएगी सरकार
भेड़-बकरी के दूध उत्पादन को बढ़ावा देने स्थापित होंगे विशेष केंद्र
चंडीगढ़। हरियाणा में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए पशुपालन व डेयरी विभाग कई योजनाओं पर काम करेगा। अगले साल योजनाएं लागू हुईं तो सीधे ताैर पर पशुपालकों के लिए लाभकारी होंगी। खास बात यह है कि अगले वर्ष भेड़ और बकरी की बीमा योजना पूरी तरह से नि:शुल्क करने का प्रस्ताव है।
पशुपालन व डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि मार्च 2025 के बजट में की गई विभागीय घोषणाओं को निर्धारित अवधि में पूरा करें। कृषि मंत्री ने पशुपालन व डेयरी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। मंत्री ने बताया कि राज्य में बकरी और भेड़ के दूध के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसी तरह से भेड़ों की उच्च नस्लें बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार) श्रेणी में शामिल परिवारों को नि:शुल्क उपलब्ध कराने की भी योजना है।
बकरी व भेड़ पालन को बढ़ावा देने के लिए बीटल, सिरोही, मुंजल जैसी उच्च आनुवंशिक नस्लें पशुपालकों को उपलब्ध करवाने की योजना की भी समीक्षा की गई। कृषि मंत्री ने जल्द ही इस योजना पर अधिकारियों को काम शुरू करने को कहा है। मंत्री राणा ने बताया कि बकरी का दूध औषधीय गुणों से भरपूर होता है और इसके उत्पादन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया बल मिलेगा। नस्ल सुधार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सैक्सड सोर्टिड सीमन प्रयोगशाला की स्थापना की जानकारी ली।
पशु चिकित्सा संस्थाओं में दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता की भी समीक्षा की। इस बीच गोशालाओं में सुविधाओं को बेहतर करने के आदेश दिए। महिलाओं को डेयरी स्थापित करने के लिए एक लाख रुपये तक ब्याज-मुक्त ऋण देने की योजना पर तुरंत काम शुरू होगा। इस अवसर पर विभाग के आयुक्त एवं सचिव विजय सिंह दहिया, महानिदेशक डॉ. प्रेम सिंह आदि शामिल रहे।