अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा की शहरी निकायों को स्वच्छता व्यवस्था को लेकर इस महीने अतिरिक्त सतर्क रहना होगा। प्रदेश में स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 जारी है। केंद्रीय टीमों का दौरा जून के अंत तक जारी रहने की संभावना है। पहले यह सर्वेक्षण 24 मई तक पूरा होना था लेकिन अब तक केवल 18 निकायों में ही सर्वेक्षण हो पाया है। शेष 69 निकायों में सर्वेक्षण बाकी है।
अंबाला नगर निगम, भिवानी, बवानीखेड़ा, चरखी दादरी, सिवानी, गुरुग्राम, मानेसर, बरवाला, उकलाना, हांसी, घरौंडा, नीलोखेड़ी, निसिंग, सांपला और कुंडली सहित 18 निकायों में सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। चरखी दादरी जिले की दोनों निकायों का आकलन भी हो चुका है। केंद्रीय टीमों के दौरे की जानकारी पहले से सार्वजनिक नहीं की जाती। टीम अपने स्तर पर शहरों में पहुंचती है। इसके बाद स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करती है। टीम यह देखती है कि शहर निर्धारित मानकों पर कितना खरा उतर रहा है।
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विभाग ने सर्वेक्षण को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। निकायों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। आमजन से भी स्वच्छता अभियान में सहयोग की अपील की गई है।
-मुकुल कुमार, निदेशक, शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय।
इस बार इन तीन पर ज्यादा फोकस
-सर्वेक्षण में दूषित पानी के उपचार और पुन: उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिन शहरों ने वाटर प्लस श्रेणी के लिए दावा किया है, वहां व्यवस्थाओं की गहन जांच हो रही है। केंद्रीय टीम सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करती है। उपचारित पानी का दोबारा उपयोग हो रहा है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाती है।
-सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की स्थिति भी जांच के दायरे में है। उनकी सफाई, रखरखाव और उपयोगिता को परखा जा रहा है।
-घर-घर से कचरा संग्रहण, कचरे के पृथक्करण और निस्तारण की व्यवस्था का भी मूल्यांकन किया जा रहा है।
शौचालयों को सर्वे पूरा करने के भी निर्देश
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य की सभी निकायों को 30 जून तक सार्वजनिक, सामुदायिक और व्यक्तिगत शौचालयों का सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए हैं। निकायों को इन शौचालयों का पूरा ब्योरा तैयार करना होगा। जहां नए शौचालयों की जरूरत है, वहां जमीन की उपलब्धता और निर्माण योजना की जानकारी भी देनी होगी। साथ ही व्यक्तिगत शौचालयों की संभावित मांग का विवरण भी मांगा गया है।