-पहले जापान की सफल यात्रा की प्रेस ब्रिफिंग रद्द, अब कैबिनेट की बैठक टली...एक साल पूरे होने के मेगा शो में मोदी दौरे को लेकर तैयारियां भी अटकीं
कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले ने हरियाणा सरकार की व्यवस्था को गड़बड़ा दिया है। घटना के दो दिन बाद सीएम नायब सैनी की जापान की सफल यात्रा की प्रेस ब्रीफिंग का कार्यक्रम रद्द हुआ और अब कैबिनेट बैठक भी स्थगित करनी पड़ी है। सरकार का एक साल पूरे होने की उपलब्धि को लेकर 17 सितंबर को सोनीपत में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारियां भी अधर में लटक गई हैं। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहुंचना है।
पूरण कुमार की मौत के मामले ने अब सियासी रंगत ले ली है। जापान में हरियाणा के कारोबार का नया आयाम देने और गीता महोत्सव से प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि को ऊपर उठाने को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व सरकार काफी उत्साहित थी। सीएम के 9 अक्तूबर की वापसी से पहले ही प्रेसवार्ता की तैयारी हो गई और मीडियाकर्मियों को आमंत्रण भी भेज दिया गया था, लेकिन हरियाणा में आने पर प्रदेशभर में माहौल कुछ और ही बन चुका था। अब 9 अक्तूबर की सुबह सीएम के एयरपोर्ट पहुंचने पर सीआईडी प्रमुख एडीजीपी सौरभ सिंह से मामले की विस्तार से जानकारी ली। इसके बाद सीएम पूरण की पत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार को सांत्वना और आश्वासन देने उनके सरकारी आवास पहुंचे, लेकिन उसके बाद भी पांच दिन से मुद्दा बरकरार है।
इसी तरह अब 11 अक्तूबर की सुबह 9 बजे चंडीगढ़ में सीएम सैनी कैबिनेट की बैठक को भी स्थगित कर दिया गया। हालांकि, इसकी स्पष्ट वजह ना बताकर अगले दिन के लिए बैठक का शेड्यूल निर्धारित किया गया है। इससे पूर्व दिल्ली में 9 अक्तूबर को 11 बजे कैबिनेट की बैठक को स्थगित करके चंडीगढ़ में 11 अक्तूबर को तीन बजे तय किया गया था। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोनीपत आगमन और सरकार के एक साल पूरे होने के उत्सव को भव्य बनाने को लेकर रोडमैप तैयार करना है। फिलहाल, सरकार पूरण सिंह के मुद्दे के सुलझाने को लेकर असमंजस में फंस गई थी।
कामकाज भी प्रभावित
इस पूरे प्रकरण में आईएएस अमनीत पी कुमार की चंडीगढ़ वापसी के बाद हरियाणा सरकार में दलित समाज के कई वरिष्ठ आईएएस उनके सरकारी आवास में डटे हुए हैं। वे मामले में रणनीति तैयार करने की भूमिका में नजर आ रहे हैं। वहीं, वाई पूरण के सुसाइड नोट में कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम आए हैं और पूरी आईएएस लॉबी अमनीत पी कुमार के साथ खड़ी हो गई है। इस तरह हरियाणा सरकार के कामकाज पर असर पड़ना लाजमी है।