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Chandigarh-Haryana News: भूमि विवादों के निस्तारण के लिए लगेंगी राजस्व लोक अदालतें

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- अग्निशमन के कार्यों में रोबोट के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशेगा विभाग
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- नए पटवारियों के लिए लैपटाॅप व टैबलेट खरीदे जाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग अगले कुछ माह में कई बदलाव करने जा रहा है। प्रदेश में लंबित भूमि विवादों के निस्तारण के लिए राजस्व लोक अदालतें लगाने की योजना प्रस्तावित है। राजस्व अधिकारियों को लक्ष्य दिए जाएंगे। पारंपरिक स्टांप पेपर की जगह अब ई-स्टांप की बिक्री होगी। पेपरलेस रजिस्ट्री के तहत अभी तक 4 लाख रजिस्ट्री हो चुकी हैं। प्रदेश में विदेशों की तर्ज पर सभी जिलों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र की स्थापना की जाएगी। अग्निशमन कार्यों में रोबोट के इस्तेमाल की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से विकसित भारत-2047 के अंतर्गत तैयार की गई 5 वर्षीय कार्य योजना की समीक्षा की। राजस्व लोक अदालत को लेकर यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में पटवारियों के माध्यम से लोगों को सूचित व जागरूक किया जाए। उपायुक्त, एसडीएम और तहसीलदार लक्ष्य निर्धारित कर भू-विवादों का समाधान करवाएं। राजस्व विभाग में परंपरागत तरीकों से हटकर नई ऑनलाइन सेवाएं शुरू की जाएं। सभी नवनियुक्त पटवारियों के लिए लैपटॉप व टैबलेट की खरीद की जाएं। हाईस्पीड इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं ताकि सभी पटवारी डिजिटल माध्यम से सेवाएं दे सकें। पटवारियों को प्रशिक्षित करने के लिए राज्यस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र खोला जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि पेपरलेस रजिस्ट्री का 15 दिन से पुराना प्रदेश में कोई भी आवेदन लंबित नहीं है। प्रदेश में कृषि विभाग के साथ मिलकर भूमि अभिलेखों का 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण व इनकी जियोटैगिंग का कार्य किया जा रहा है। सभी लैंड पार्सल का यूनिक नंबर जनरेट किया जा रहा है। सरकारी जमीनों को भी पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा।
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बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राजस्व विवादों के निपटारे के लिए डिजिटल कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा ताकि विवादों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जा सके। प्रदेश के 8 जिलों में संचालित आपदा मित्र योजना का 23 जिलों में विस्तार किया जाएगा।
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