सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने सरकार पर साधा निशाना कहा- योजना के माध्यम से महिलाओं को शर्तों में बांधा जा रहा
चंडीगढ़। लाडो लक्ष्मी योजना के विस्तार पर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना की शुरुआत महिलाओं के सशक्तीकरण के मकसद से शुरू की गई थी, मगर आज उसी योजना के माध्यम से महिलाओं को शर्तों में बांधा जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक गरीब मां की मेहनत, त्याग और संघर्ष का मूल्यांकन अंक तालिका किया जाएगा। यह व्यवस्था महिलाओं का अधिकार नहीं, उन्हें अपमान दे रही। इस पर हरियाणा सरकार की ओर से भी पलटवार किया गया है।
हरियाणा सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठाते हुए दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे का विस्तार कर दिया गया है। इसी के साथ ही राज्य की एक लाख से अधिक नई पात्र महिलाओं को योजना का सीधा लाभ मिलेगा। योजना के मानदंड के अनुसार एक लाख रुपये सालाना पारिवारिक आय वाली महिलाओं को पहले की तरह योजना का लाभ मिलता रहेगा। किसी भी पात्र महिला का मौजूदा लाभ न तो रोका गया है और न ही समाप्त किया गया है। 2100 रुपये की सहायता पहले की तरह मिलती रहेगी।
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने सामाजिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का विस्तार करते हुए तीन नई श्रेणियों को जोड़ा है। इन श्रेणियों के लिए पारिवारिक आय 1 लाख 80 हजार रुपए से कम होनी चाहिए और यह लाभ केवल 3 बच्चों तक ही मिलेगा। संशोधन के मुताबिक पहली श्रेणी में जिन परिवारों की सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम है, ऐसे परिवारों के बच्चे जो सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं, वे 10वीं और 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से ज्यादा नंबर लेकर आते है, ऐसी माताओं को भी अब 2100 रुपये प्रति माह का लाभ मिलेगा।
दूसरी श्रेणी में जिन परिवारों की सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम है, ऐसे परिवारों के बच्चे भारत सरकार के निपुण मिशन के तहत कक्षा- 1 से 4 तक ग्रेड स्तर की प्रवीणता प्राप्त करते हैं, तो ऐसी माताओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। वहीं, तीसरी श्रेणी के तहत पोषण ट्रैकर में कोई बच्चा जो कुपोषित या एनीमिया से ग्रस्त था और माताओं के अथक प्रयास के बाद वह पोषित और स्वस्थ होकर ग्रीन जोन में आ जाता है, तो ऐसी माताओं को भी 2100 रुपये का लाभ प्रदान किया जाएगा। इस श्रेणी के लिए पारिवारिक सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम होनी चाहिए।
वहीं, दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत वर्तमान में जो 2100 रुपये की राशि महिलाओं के खातों में जा रही है, अब इस राशि में से 1100 रुपये सीधे महिलाओं के खातों में जमा होंगे। जबकि शेष 1,000 रुपये राज्य सरकार रेकरिंग डिपॉजिट/फिक्स्ड डिपॉजिट करवाएगी। इस डिपॉजिट का पैसा ब्याज सहित लाभार्थी महिला को मिलेगा।