चंडीगढ़। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से 7 मई को जारी एक नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट समेत दोनों राज्यों की सभी जिला अदालतों में अदालत की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। इस आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी और अवमानना की कार्यवाही भी शुरू की जा सकती है।
नोटिस में कहा गया है कि सभी पक्षकारों, वादकारियों एवं आम जनता को सूचित किया जाता है कि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट तथा पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ की जिला अदालतों में किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा अदालत की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग करना प्रतिबंधित है। नोटिस में आगे चेतावनी दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था इस आदेश का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो संबंधित अदालत द्वारा रिकॉर्डिंग में प्रयुक्त इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को जब्त किया जा सकता है। ब्यूरो