-पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दो साल से लंबित थी याचिका
-याचिका वापस लेने के बाद अब सजा के खिलाफ मुख्य अपील पर होगी सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। गुरमीत राम रहीम ने बहुचर्चित दुष्कर्म मामले में सजा को निलंबित करने की याचिका वापस ले ली है। याचिका दो साल से लंबित थी।हाईकोर्ट ने याचिका को याचिकाकर्ता की इच्छा के अनुसार स्वतंत्रता के साथ दोबारा याचिका दायर करने की छूट के साथ खारिज कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश पर आधारित खंडपीठ के समक्ष याची पक्ष ने सूचित किया कि वह यह याचिका वापस लेना चाहता है। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा यह याचिका खारिज मानी जाए लेकिन भविष्य में पुनः प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता बनी रहेगी। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने इस देरी पर चिंता जाहिर की थी और स्पष्ट किया था कि अगली तारीख को चाहे बहस हो या नहीं, याचिका का निपटारा किया जाएगा। हालांकि, उस सुनवाई के दौरान डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के वकील ने और समय की मांग की थी जिस पर कोर्ट ने अनिच्छा के साथ अगली सुनवाई की अनुमति दी थी। अब जबकि सजा निलंबन की याचिका वापस ली जा चुकी है।
हाईकोर्ट ने साफ किया है कि अब मुख्य आपराधिक अपील पर सुनवाई की जाएगी। अपील में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख ने अपनी दोषसिद्धि को चुनौती दी है। डेरा प्रमुख को सीबीआई की विशेष अदालत, पंचकूला ने 25 अगस्त 2017 को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और 506 के तहत दो महिला अनुयायियों के दुष्कर्म का दोषी ठहराया था। इसके लिए उसे बीस वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। प्रत्येक अपराध के लिए 10-10 वर्ष की सजा, जो एक के बाद एक चलनी थी।