अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन ने आंदोलन की रणनीति तय कर ली है। यूनियन ने 4 जुलाई को सिंचाई मंत्री श्रुति चाैधरी के भिवानी स्थित कार्यालय पर प्रदर्शन का निर्णय लिया है। 18 जुलाई को लोक निर्माण और जनस्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा के हिसार स्थित कार्यालय पर प्रदर्शन का फैसला लिया है।
यूनियन के राज्य प्रधान गंगाराम माैण, कोषाध्यक्ष राहुल हुड्डा, महासचिव जरनैल सिंह ने बताया कि यूनियन में सिंचाई, लोक निर्माण और जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी जुड़े हुए हैं। सरकार के स्तर पर जो भी लंबित मांगे हैं वह पूरी नहीं हो रहीं हैं इसलिए आंदोलन का निर्णय लिया है। कर्मचारियों की लंबित मांगों में सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया करना, सिंचाई एवं जल संसाधन, लोक निर्माण व जनस्वास्थ्य विभाग में रेशनलाइजेशन के नाम पर कर्मचारियों की छंटनी न करना, लोक निर्माण में यांत्रिकी विंग व प्रयोगशालाओं को समाप्त करने का निर्णय वापस लेना, राज्य में बढ़ती आबादी के अनुपात में नए पदों का सृजन करना शामिल है। इसके अलावा जनस्वास्थ्य विभाग की ग्रामीण पेयजल आपूर्ति से संबंधित योजनाओं को पंचायतों को हैंडओवर न करने, ग्रुप डी काॅमन कैडर के तहत वर्ष 2018-2019 में भर्ती हुए कर्मचारियों को विभागीय सेवा नियमों के तहत ग्रुप सी तकनीकी पदों पर पदोन्नति देने, जनस्वास्थ्य और सिंचाई विभाग में लंबित लीव ट्रैवल कंसेंशन (एलटीसी) के बकाया बजट का भुगतान करने,पुरानी पेंशन को तुरंत बहाल करने की मांग भी लंबित है। जनस्वास्थ्य विभाग में ग्रुप डी के कर्मचारियों को वर्क सुपरवाइजर पदों पर पदोन्नति देने। तीनों ही विभागों में वेतन विसंगतियों को दूर करने। जेई की पदोन्नति के लिए अनावश्यक शर्तें हटाने। हरियाणा का अलग से वेतन आयोग गठित करने की मांगें भी कर्मचारी उठा रहे हैं।
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