हरियाणा में पारित नए बीज खाद कानून के विरोध में सोमवार को अंबाला के बीज विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखकर अपना विरोध जताया। अंबाला में बीज विक्रेताओं की करीब 1600 दुकानें है। कानून बनने के बाद सोमवार सभी दुकानें बंद रही। यहां तक की कंपनियों की ओर से सभी ऑर्डर भी होल्ड कर दिए गए हैं।
अंबाला सीड पेस्टेसाइट फर्टिलाइजर डीलर एसोसिएशन के प्रधान राजकुमार गुप्ता ने कहा कि नए कानून में पुलिस की संलिप्ता से दुकानदारों की परेशानी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष कृषि विभाग के अधिकारी बीजों की गुणवत्ता की जांच करते हैं। अगर किसी भी प्रकार की कमी निकलती थी तो मामला कोर्ट के अधीन चला जाता था। जिसमें दुकानदारों को राहत मिलती थी।
उन्होंने कहा कि निर्माता कंपनी से बीज खरीदता है और उसे बेचता है। दुकानदार कंपनी से ही बीज खरदीता है। अगर कोई कमी मिलती है तो उसमें कंपनी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जबकि अब कानून में दुकानदारों को भी शामिल कर दिया गया है।
कानून में अब पुलिस भी जांच कर सकती है। इसके साथ ही दोषी पाए जाने पर दुकानदार को जमानत नहीं मिलेगी। इसके साथ ही जुर्माना भी कई गुणा तक बढ़ा दिया गया है। फिलहाल राज्य स्तरीय एसोसिएशन के आवाहन पर एक सप्ताह तक दुकानें बंद रखने का फैसला लिया है ।
टोहाना में सरकार के खिलाफ गरजे सीड्स एवं पेस्टीसाइड व्यापारी
हरियाणा सीड्स एवं पेस्टीसाइड एसोसिएशन द्वारा अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सरकार से हरियाणा सीड्स एवं पेस्टीसाइड कानून में संशोधन करने की मांग की गई। एसोसिएशन के प्रधान संदीप नैन के नेतृत्व के टोहाना के करीबन 146 दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद करते हुए प्रदर्शन किया। प्रधान संदीप नैन ने कहा कि सरकार द्वारा जो यह कानून बनाया गया है उसके तहत दुकानदार का सैंपल फेल होने पर उसके खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया जाएगा जो पूरी तरह से न्यायपूर्ण नहीं है। सरकार द्वारा ऐसे कानून बनाए है जैसे कि बीज बेचने वाले आतंकवादी है। एसोसिएशन के निर्देशानुसार एक सप्ताह की हड़ताल की जा रही है जिसके तहत प्रदर्शन किया जा रहा है। सरकार ने उनकी सुनवाई नहीं की तो प्रदर्शन को अनिश्चितकालीन किया जाएगा। मुख्यमंत्री को इस पर विचार करते हुए एसोशिएशन के पदाधिकारियों से बातचीत के बाद कानून में बदलाव करना चाहिए।
कुरुक्षेत्र में बीज उत्पादक, पेस्टीसाइड्स निर्माता व विक्रेता हड़ताल पर
बीज उत्पादक व पेस्टीसाइड्स निर्माता एवं विक्रेता सोमवार को हड़ताल पर रहे। प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए जा रहे सीड्स व पेस्टीसाइड्स एक्ट 2025 का कड़ा विरोध जताया, जिसके चलते अपने-अपने प्रतिष्ठान व दुकानें बंद रही और जमकर रोष भी जताया। वहीं पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा से भी मिले तो उन्हें कोई समाधान निकाले जाने का भरोसा दिया।
उधर बीज उत्पादक व पेस्टीसाइड्स निर्माताओं ने गत दिवस कुरुक्षेत्र में ही प्रदेश स्तरीय बैठक में इस एक्ट का कड़ा विरोध किया था जिसके चलते सात दिन की संकेतिक हड़ताल का ऐलान किया गया था। ऐसे में अब किसानों की परेशानी बढ़ सकती है।
एसोसिएशन के जिला प्रधान प्रमोद मित्तल, विष्णु मित्तल, राकेश सिंगला, संयम टूटेजा एवं अन्य ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए गए इस नए कानून के खिलाफ गत दिवस एकजुट होकर आवाज उठाई थी, जिसमें लिए फैसले के अनुसार ही प्रतिष्ठान बंद रखे हैं। उन्होंने कहा कि इस कानून में व्यापारियों के खिलाफ असंगत धाराएं लगाई गई हैं, जिससे किसी भी आदमी का इस व्यापार में रहना संभव नहीं है। सात दिन में इस मामले में कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया तो इस व्यापार को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर किया जाएगा।