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Haryana News: सीईटी का परिणाम घोषित करने की तैयारी, जल्द खुलेगा करेक्शन पोर्टल

Sat, 09 Aug 2025 02:12 PM IST
चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अभ्यर्थियों से सबसे पहले गूगल फाॅर्म के माध्यम से नाॅर्मलाइजेशन को लेकर सुझाव मांगे हैं।
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HSSC CET 2025 - फोटो : L- Adobe Stock, R- X(@advhimmatsingh)
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विस्तार
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हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी)-2025 का परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया में जुट गया है। आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अभ्यर्थियों से सबसे पहले गूगल फाॅर्म के माध्यम से नाॅर्मलाइजेशन को लेकर सुझाव मांगे हैं।

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उन्होंने कहा कि आयोग जल्द ही करेक्शन(त्रुटी) पोर्टल खोलेगा। परीक्षार्थी अपने दस्तावेज व प्रमाण-पत्र तैयार रखें। पोर्टल खुलने के बाद तुरंत दस्तावेज अपलोड करें ताकि आयोग जल्द से जल्द परिणाम जारी कर सके।

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 26 और 27 जुलाई को सीईटी-ग्रुप सी का आयोजन कराया था। परीक्षा में 13 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के दाैरान ही आयोग के अध्यक्ष ने एक माह के अंदर परीक्षा परिणाम घोषित करने का आश्वासन दिया था। अब इस पर कार्य शुरू हो गया है।
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आयोग ने नाॅर्मलाइजेशन को लेकर मांगे सुझाव
आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने नाॅर्मलाइजेशन को लेकर गूगल फाॅर्म के माध्यम से सुझाव मांगे हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट करके हिम्मत सिंह ने गूगल फॉर्म का लिंक https://forms.gle/5DmWJAKmpcoz UPED8 भी दिया है। उन्होंने लिखा है कि आवश्यक सुझाव लिंक के माध्यम से हमें भेज सकते हैं। आयोग सुझावों पर विचार करेगा।

नाॅर्मलाइजेशन की यह होती है प्रक्रिया

गुरुग्राम में विश्वविद्यालय के कुलपति रहे डाॅ. मारकंडे आहूजा के अनुसार, नाॅर्मलाइजेशन की प्रक्रिया का उपयोग तब होता है जब परीक्षा एक से अधिक सत्रों में आयोजित की जाती है। परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के अंकों को समान बनाने के लिए नाॅर्मलाइजेशन का उपयोग किया जाता है। नाॅर्मलाइजेशन के लिए बड़ी शर्त यही होती है कि एक सत्र की तुलना में दूसरे सत्रों के प्रश्न कठिन हों। प्रत्येक शिफ्ट के अंकों की तुलना की जाती है और फिर अंकों को समायोजित किया जाता है। इसके लिए सांख्यिकीय विधि के आधार पर प्रत्येक सत्र की परीक्षा के अंकों के औसत और मानक विचलन की गणना की जाती है, हालांकि जो संस्था परीक्षा करा रही हैं वही आधिकारिक नियम लागू करती है और उसी के निर्णय अंतिम मान्य होते हैं।
कोर्ट केस के नाम पर चंदा वसूलने वालों से सावधान रहें

हिम्मत सिंह ने कोर्ट केस के नाम पर जो लोग 500-600 रुपये चंदा मांगकर कोर्ट केस के नाम पर रकम वसूल रहे हैं, उनसे सावधान रहें। उन्होंने पोस्ट में लिखा है कि कुछ लोग केस बिना किसी आधार या तथ्य के ही फाइल करा देते हैं जिसका परिणाम कुछ आता नहीं और बच्चों के पैसे भी डूब जाते हैं।

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