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Haryana News: रोडवेज बसों में डिजिटल पेमेंट की सुविधा नहीं; क्या है वजह, मंत्री अनिल विज ने किया ये दावा

सार

हरियाणा रोडवेज की बसों में हर दिन सात लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं। वहीं, विभाग का दावा-ई-टिकटिंग मशीनों में डिजिटल पेमेंट की सुविधा है। 
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रोडवेज की बसें - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हरियाणा रोडवेज की बसों में डिजिटल पेमेंट को लेकर पूरी तरह से काम नहीं हो पा रहा है। अभी भी यात्रियों को सफर के दाैरान टिकट के लिए नकद शुल्क देना पड़ रहा है। हालांकि राज्य परिवहन निगम के अधिकारियों का दावा है कि ई-टिकटिंग मशीनों में डिजिटल पेमेंट की सुविधा है, लेकिन बसों के परिचालकों व उनकी यूनियन व यात्रियों का कहना है कि उनको यह सुविधा नहीं मिलती।

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हरियाणा रोडवेज की बसों में प्रतिदिन करीब सात लाख यात्री सफर करते हैं।

प्रदेश की रोडवेज बसों के चंडीगढ़ और दिल्ली सहित कुल 24 डिपो और 13 सब डिपो हैं। रोडवेज की करीब 4000 बसों में से नियमित 3500 से अधिक बसों का संचालन होता है। बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों से प्रतिदिन शुल्क लेने के लिए इतनी ही ई-टिकटिंग मशीन हैं। एक डिपो से प्रतिदिन औसतन 12 से 14 लाख रुपये तक राजस्व प्राप्त होता है। हैप्पी कार्ड से सफर करने वालों के किलोमीटर भी इसी मशीन के माध्यम से फीड किए जाते हैं, इस कार्ड पर 365 दिनों में 1000 किमी मुफ्त सफर का प्रावधान है। 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को मिलने वाले कार्ड भी ई-टिकट मशीनों पर मान्य हैं। बुजुर्गों को इस कार्ड से सफर करने पर किराए में 50 प्रतिशत तक छूट मिलती है।

अड़चन : अभी किस हेड में पैसा जाएगा, इसका निर्णय नहीं
हरियाणा रोडवेज के सेवानिवृत महाप्रबंधक जोगेंदर रावल के मुताबिक, रोडवेज बसों में अभी डिजिटल पेमेंट का प्रावधान नहीं है। यात्रियों को ई-टिकटिंग मशीनों के माध्यम से ही टिकट दी जाती हैं पर यात्रियों को किराए का शुल्क नकद ही देना होता है। परिचालक किराए के रूप में मिली रकम को वापसी में डिपो पर स्थित कैश ब्रांच में जमा कराता है, बाद में यही रकम कैश ब्रांच स्टेट हेड में जमा कराती है। स्टेट हेड का सेंट्रलाइज रिसीट होता है, लेकिन अभी डिजिटल पेमेंट के लिए किस हेड में जाएगा, इसका कोई नियम ही नहीं बना है।
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यूनियनों के पदाधिकारी बोले, ई-टिकट मशीनों में स्कैनर व कार्ड से भुगतान का नहीं इंतजाम
हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के राज्य महासचिव सुमेर सिवाच ने कहा कि डिजिटल पेमेंट के लिए मशीनों में कोई इंतजाम नहीं हैं। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन के पूर्व राज्य प्रधान इंद्र बधाना का कहना है कि डिजिटल पेमेंट के लिए ई-टिकट मशीनों को अपडेट किया जाए, किस खाते में रकम किराए की गई यह भी परिचालक को पता चल जाए, ऐसा सिस्टम अपडेट हो। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री एवं परिचालक अमित मेहराना का कहना है कि ई-टिकट मशीनों को भी डिजिटल पेमेंट के लिए अपडेट करने की आवश्यकता है, क्योंकि अभी स्कैनर व कार्ड के माध्यम से स्वाइप के माध्यम से डिजिटल पेमेंट का इंतजाम नहीं हैं। अभी केवल हैप्पी कार्ड व बुजुर्गों के ही ई-टिकटिंग मशीनों पर कार्ड मान्य हैं।

यात्रियों ने कहा-सफर में नहीं कोई डिजिटल पेमेंट की सुविधा
नारनाैल(महेंद्रगढ़) के खताैली निवासी छात्रा रविना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। रविना ने बताया कि वह प्रतिदिन अपने गांव से 12 से 14 किमी दूर लाइब्रेरी में जाती हैं, प्रतिदिन सफर के दाैरान छुट्टे पैसों के कारण परेशानी होती है, डिजिटल पेमेंट नहीं होता। सोनीपत के गोहाना के छात्र आकाश भारद्वाज का कहना है कि मैं सप्ताह में चार-पांच बार दिल्ली, सोनीपत आदि शहरों का सफर करता हूं, डिजिटल पेमेंट न होने के कारण कई बार भूलवश पैसे तो परिचालक के पास ही रह जाते हैं। हरियाणा राजकीय अध्यापक कल्याण संघ के पूर्व राज्य प्रधान रामबीर ककराना की मांग है कि रोडवेज की बसों में डिजिटल पेमेंट की 100 प्रतिशत सुविधा होनी चाहिए, क्योंकि प्रतिदिन सबसे अधिक शिक्षक ही सफर करते हैं, डिजिटल जमाने में नकद किराया आज भी लिया जा रहा है।

रोडवेज की बसों में सफर के दाैरान डिजिटल पेमेंट की सुविधा होनी चाहिए। यदि डिजिटल पेमेंट की यात्रियों के लिए सुविधा नहीं है तो पीओएस मशीन स्वयं देखूंगा, जिससे डिजिटल पेमेंट की सुविधा स्थाई रूप से स्थापित की जा सके। -अनिल विज, परिवहन मंत्री, हरियाणा

कहीं अड़चन है तो दिखवाएंगे : परिवहन सचिव
राज्य परिवहन निगम के आयुक्त एवं सचिव टीएल सत्यप्रकाश कहते हैं कि कोई भी यात्री चाहे तो डिजिटल पेमेंट कर सकता है, फिर भी कहीं अड़चन हैं तो इसे दिखवाएंगे और डिजिटल पेमेंट को लेकर कार्य कराएंगे।

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