पंजाब के मानसा में नशा विरोधी मुहिम से जुड़े एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य स्थिति में लाने में पीजीआई के डॉक्टरों को करीब 14 घंटे लगे। 24 दिन तक माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तापमान पर डीप फ्रीजर में रखे रहने से शव जम गया था। पीजीआई की मोर्चरी में शव को गर्म पानी के टब में बार-बार डुबोकर बाहर निकाला गया। कई घंटे तक यह प्रक्रिया दोहराई गई, ताकि जमे हुए टिश्यू और मांसपेशियां धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ सकें। करीब 14 घंटे की डीफ्रॉस्टिंग के बाद शव को रातभर चार डिग्री सेल्सियस तापमान पर सुरक्षित रखा गया। शनिवार सुबह पांच डॉक्टरों के विशेष बोर्ड ने साढ़े छह घंटे तक पोस्टमार्टम कर फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए।
मेडिकल टीम के लिए थी बड़ी चुनौती
13 अक्तूबर से मानसा सिविल अस्पताल की मोर्चरी में डीप फ्रीजर में रखे शव को सामान्य स्थिति में लाना मेडिकल टीम के लिए बड़ी चुनौती थी। शुक्रवार को शव पीजीआई लाया गया, लेकिन शरीर के आंतरिक अंगों और मांसपेशियों का तापमान सामान्य नहीं होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं किया जा सका। फोरेंसिक जांच प्रभावित होने की आशंका के चलते प्रक्रिया टाल दी गई। इसके बाद शुक्रवार शाम डीफ्रॉस्टिंग की प्रक्रिया शुरू की गई। शनिवार सुबह शरीर का तापमान अनुकूल होने के बाद विशेष मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया।
गोली के प्रवेश और निकास बिंदुओं की जांच
पांच वरिष्ठ डॉक्टरों के बोर्ड ने करीब साढ़े छह घंटे तक चली जांच में गोली लगने के प्रवेश और निकास बिंदुओं, घावों की प्रकृति और आंतरिक अंगों को हुए नुकसान का परीक्षण किया। विसरा के नमूने भी एकत्र किए गए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरी प्रक्रिया मजिस्ट्रेट और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में करवाई गई। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी की गई, ताकि फोरेंसिक जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।
धरना स्थल पर अंतिम दर्शन के बाद होगा अंतिम संस्कारसेक्टर-11 थाना प्रभारी जसपाल सिंह भुल्लर के अनुसार, रविवार सुबह शव पीजीआई से मानसा ले जाया जाएगा। चंडीगढ़ पुलिस शव को पंजाब पुलिस की सुरक्षा में सौंपने से पहले पंजाब सीमा तक सुरक्षित पहुंचाएगी। इसके बाद पंजाब पुलिस की निगरानी में शव परिजनों को सौंपा जाएगा। झोटा के समर्थक एवं एडवोकेट दर्शन सिंह के मुताबिक, शव को पहले धरना स्थल पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। रविवार दोपहर 12 से एक बजे के बीच चकेरियां रोड स्थित पैतृक जमीन पर अंतिम संस्कार होगा।
एसएसपी के तबादले तक भूख हड़ताल पर रहेंगे पिता
पीजीआई पहुंचे झोटा के पिता भीम सिंह ने मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी के तबादले की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने तक वह अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। समर्थक दर्शन सिंह के अनुसार, भीम सिंह ने पांच-छह नवंबर की दरमियानी रात से खाना नहीं खाया है। पिता ने आरोप लगाया कि मानसा में नशे पर प्रभावी रोक नहीं लगने के कारण उनके बेटे की हत्या हुई। उन्होंने दावा किया कि इस मांग पर कृषि मंत्री गुरमीत खुड्डियां और विधानसभा अध्यक्ष कुलतार संधवां के साथ बैठक में भी चर्चा हुई थी।
पोस्टमार्टम के दौरान पीजीआई में चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस के 30 से अधिक जवानों के साथ सीआरपीएफ की दो टुकड़ियां तैनात रहीं। सीबीआई की टीम भी मौजूद रही। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ प्रवक्ता हरजीत सिंह भुल्लर, पूर्व सैनिक सर्व सांझी कमेटी पंजाब के अध्यक्ष गुरदीप सिंह टांडा, एडवोकेट दर्शन सिंह और विभिन्न संगठनों के सदस्य भी पीजीआई पहुंचे।