राज्य में एफिलेशन व परमिशन वाले स्कूलों होंगे अमान्य, ऐसे तकरीबन 480
चंडीगढ़। प्रदेश में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत सीट दिखाने वाले निजी स्कूलों की ओर से पोर्टल पर जमा दस्तावेजों की जांच करने के आदेश जारी हुए है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने अलग से एक पोर्टल भी शुरू किया है। सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (डीईईओ) को तत्काल प्रभाव से स्कूलों की ओर से जमा दस्तावेजों की जांच शुरू करके आठ जून तक शिक्षा निदेशालय को सौंपने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा विभाग से जारी अधिकारिक पत्र के अनुसार पोर्टल पर सभी डीईईओ के क्षेत्र में आने वाले निजी स्कूलों की जानकारी उपलब्ध होगी। इस पहलू पर सभी डीईईओ को विशेष जांच करने के निर्देश हैं कि अगर किसी स्कूल में नर्सरी से पढ़ाई हो रही है, इसके बावजूद उसने पहली कक्षा से आरटीई के तहत पोर्टल पर सीटें दिखाई है तो उसकी अलग से सूची बनानी है और इस लापरवाही को भी नियमों के उल्लंघन में माना जाएगा।
संबद्धता और परमिशन वाले स्कूल होंगे अमान्य, ऐसे तकरीबन 480
सभी डीईईओ की जांच के दौरान प्रदेशभर में ऐसे स्कूलों की सूची तैयार करनी है, जिनके पास संबद्धता हो मगर बोर्ड से मान्यता नहीं है या सिर्फ परमिशन है। 2004 से प्रदेश में 1032 निजी स्कूलों को हर शैक्षणिक सत्र में एक वर्ष का एक्सटेंशन मिलता है। इनमें तकरीबन 550 टेम्प्रेरी मान्यता वाले और 482 स्कूल परमिशन पर ही चलने वाले हैं। आदेशों के अनुसार जिन स्कूलों के नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी), टेम्प्रेरी मान्यता या परमानेंट मान्यता है, वे स्कूल वैध माने जाएंगे, जबकि सिर्फ एफिलेशन या परमिशन पर चलने वाले स्कूल वैध नहीं होंगे।