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एडीजीपी सुसाइड पर गरमाई राजनीति: विपक्ष ने उठाए सवाल, क्या हरियाणा सरकार का सिस्टम इतना कमजोर है

Thu, 09 Oct 2025 03:29 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी अब तक मौन हैं, जबकि मामला सिर्फ एक अधिकारी की मौत का नहीं, बल्कि पूरे समाज की आस्था और न्याय व्यवस्था पर विश्वास का है। उन्होंने आशा जताई कि चंडीगढ़ प्रशासन और देश का गृह मंत्रालय दिवंगत आईपीएस की पत्नी की बात सुनेगा और उन्हें पूर्ण न्याय दिलाएगा।
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एडीजीपी वाई पूरण कुमार - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने हरियाणा के वरिष्ठ दलित आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या पर सवाल उठाया है। सुरजेवाला ने कहा कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
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विपक्षी नेताओं और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि हरियाणा की भाजपा सरकार का सिस्टम इतना कमजोर और पूर्वाग्रह से ग्रस्त हो गया है कि एक दलित समुदाय से आने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की भी सुनवाई नहीं है। यह कड़वा सत्य है कि पिछले ग्यारह वर्षों में दलित अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया गया है। उन्हें दरकिनार भी किया गया और अपमानित भी किया गया। 

उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा के एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा एक दलित महिला आईपीएस अधिकारी का सार्वजनिक अपमान किया गया था। अंबाला की दलित महिला विधायक को अपने ही पार्टी नेताओं से धमकियां मिलीं और सुरक्षा की गुहार लगानी पड़ी। हिसार में एक दलित भाजपा विधायक को स्वतंत्रता दिवस समारोह में मंच पर बैठने तक नहीं दिया गया। यह सब घटनाएं भाजपा शासन के दलित सम्मान के दावों पर प्रश्नचिह्न हैं।
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इस बीच दलित संगठनों ने मुख्यमंत्री से तत्काल एफआईआर दर्ज करने, डीजीपी और अन्य नामित अधिकारियों को निलंबित करने तथा परिवार को स्थायी सुरक्षा देने की मांग दोहराई है।

भूपेंद्र हुड्डा ने की निष्पक्ष जांच की मांग

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आईपीएस वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। हुड्डा ने कहा कि कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाना चाहिए और किसी निर्दोष पर आंच नहीं आनी चाहिए। मामले में न्याय सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है। हुड्डा ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। इतने बड़े पुलिस अधिकारी का सुसाइड बेहद ही दुखद घटना है। इस घटना ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। खुद पुलिस के इतने बड़े अधिकारी सुरक्षित नहीं है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम लोगों की क्या हालत होगी।
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दलित अधिकारियों को ऊंचा उठते देख बर्दाश्त नहीं होती बीजेपी को: अनुराग ढांडा

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी और वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि यह घटना बहुत गंभीर और सोचने वाली है। उन्होंने कहा, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने सीनियर अधिकारी को भी इस तरह की प्रताड़ना और दबाव झेलना पड़ा। बीजेपी को यह बात हजम नहीं होती कि दलित समाज का कोई व्यक्ति ऊंचे पद पर पहुंचे। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के खिलाफ हुए हमले में भी बीजेपी का पूरा सिस्टम हमलावरों के साथ खड़ा दिखा।
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