हरियाणा के सभी जिलो में सोमवार को पुलिस स्मृति दिवस का आयोजन किया गया। चरखी दादरी में दादरी महिला थाने में आयोजित समारोह में जिला पुलिस कप्तान पूजा वशिष्ठ की अगुवाई में पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने शहीद पुलिस जवानों को नमन किया।
सोनीपत में पुलिस आयुक्त (सीपी) सतेंद्र गुप्ता ने कहा कि कोई भी देशवासी शहीदों की कुर्बानी को कभी भुला नहीं सकता। देश के जवानों के बलबूते ही हमारे देश की सीमाएं सुरक्षित है और हम चैन की नींद लेते हैं। शहीद को धर्म, जाति या क्षेत्र में नहीं बांटा जा सकता है। सभी को अपने अंदर शहीदों के प्रति सम्मान की भावना रखनी चाहिए।
वह सोमवार को पुलिस लाइन में आयोजित हुए शहीद स्मरण उत्सव दिवस कार्यक्रम के अवसर पर बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन ड्यूटी के दौरान अपने जीवन का बलिदान करने वाले पुलिस बल के शहीदों की याद में किया जाता है। पुलिसकर्मियों ने शहीदों को सम्मान देने के लिए दो मिनट का मौन भी रखा।
उन्होंने कहा कि कर्तव्य की बलिवेदी पर प्राण न्योछावर करने वाले सभी पुलिसकर्मियों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करने का यही प्रयास होगा कि हम भी उनके पदचिन्हों पर चलते हुए देश की रक्षा करें। उन्होंने कहा कि उनका सच्चा मित्र वही जवान है जो अपना कार्य ईमानदारी एवं निष्पक्षता से करता है। ड्यूटी के दौरान पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने इस दौरान पौधरोपण भी किया। इस दौरान शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। सोनीपत में शहीद हुए पुलिसकर्मियों सिपाही अशोक कुमार, शेर सिंह, मुख्य सिपाही रणधीर सिंह, रामकिशन, एएसआई प्रदीप कुमार, सिपाही रविंद्र व एसपीओ कप्तान हैं।
झज्जर की पुलिस लाइन में पुलिस कमिश्नर सतीश बालन की अध्यक्षता में स्मृति दिवस मनाया गया। इस मौके पर झज्जर पुलिस प्रशासन की तरफ से शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए नमन किया गया और पुलिस कमिश्नर सतीश बालन द्वारा देश सेवा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों के परिवारों के सदस्यों को सम्मानित किया। पुलिस कमिश्नर बी सतीश बालन ने कहा कि पुलिस प्रणाली भारत की एक रक्षा प्रणाली है जो की देश की हर क्षेत्र एवं राज्य स्तर पर रक्षा करती है। किसी भी देश के लिए पुलिस एक अहम् ताकत है पुलिस भारत के हर क्षेत्र के लोगो की दिन रात एक करके रक्षा करती है। इस दिन भारत के उन वीर शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है जिन्होंने देश-प्रदेश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे।