-दलित समाज के कई पूर्व मंत्री, मौजूदा व पूर्व विधायक, रिटायर्ड जज, आईएएस व अन्य पूर्व अधिकारी पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। महापंचायत में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ से लोग पहुंचे थे। इनमें पूर्व मंत्री दिल्ली से संदीप वाल्मीकि, राजकुमार वाल्मीकि, पूर्व सांसद राजकुमार सैनी, मौजूद विधायक रामकरण काला, रिटायर्ड जज, रिटायर्ड आईएएस सहित अनुसूचित जाति विभिन्न संगठन के सदस्य शामिल थे। आईएएस अमनीत पी कुमार के पिता की तरफ से लिखा गया समर्थन के लिए धन्यवाद पत्र पढ़कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। हालांकि, अमनीत या उनकी बेटियां नहीं आई थीं। कमेटी की तरफ से 2500 लोगों के आने का दावा किया गया है।
परिवार की तरफ से आने वाले पत्र को कमेटी के सदस्य मुकेश ने पढ़कर सभी को धन्यवाद किया, जोकि अमनीत का एक पारिवारिक सदस्य लेकर आया था। कमेटी की अध्यक्षता कर रहे रिटायर्ड एसोसिएट प्रोफेसर जय नारायण ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ अनुसूचित जाति के समाज की नहीं है, बल्कि देशभर के समाज की है। पहले जीते जी पूरण को परेशान किया गया और अब मजबूरन आत्महत्या करने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। कुंडू खाप के प्रधान सतीश कुंडू ने कहा कि पूरण को न्याय दिलाने के लिए सभी एकजुट खड़े हैं।
महापंचायत में हिस्सा लेने के लिए अनुसूचित जाति के विभिन्न संगठनों के सदस्य व दलित समाज के लोग डेढ़ बजे ही पहुंचने शुरू हो गए थे। इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस बल भी काफी संख्या में तैनात थी। दो बजे से चार बजे तक 31 सदस्यीय कमेटी के सदस्यों और दलित समाज के नेताओं ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाने, वाई पूरण के काम को बेहतर बताने के साथ डीजीपी शत्रुजीत कपूर के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।