फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रोजेक्ट कर्मियों को 30 अगस्त तक वेतन का भुगतान करें, वरना उच्च अधिकारियों का वेतन रोकें : हाईकोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
-कोर्ट ने चार माह से वेतन न मिलने की जानकारी पर सरकार को लगाई फटकार
विज्ञापन

-केंद्र सरकार से ग्रांट न मिलने की हरियाणा सरकार की दलीलों को भी किया खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। जन स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग में प्रोजेक्ट के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को चार महीनों से वेतन का भुगतान न होने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए हरियाणा सरकार को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि याचिकाकर्ताओं के बकाया वेतन का भुगतान हर हाल में 30 अगस्त तक कर दिया जाए। ऐसा न होने पर विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और अभियंता प्रमुख का वेतन अदालत की अनुमति के बिना जारी न किया जाए।
विज्ञापन



याचिका दाखिल करते हुए दीपक व अन्य ने बताया कि वह जन स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग में प्रोजेक्ट कर्मी के रूप में काम कर रहे हैं। याची ने बताया कि 4 माह से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इसके जवाब में राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया कि केंद्र से अनुदान की राशि अब तक प्राप्त नहीं हुई है जिससे वेतन अटका है। जस्टिस विनोद एस भारद्वाज की पीठ ने स्पष्ट किया कि वेतन का भुगतान केंद्र सरकार से मिलने वाली 60% ग्रांट पर निर्भर नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने इस तर्क को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि कर्मचारी राज्य सरकार के प्रत्यक्ष नियंत्रण में काम कर रहे हैं। इसलिए वेतन का भुगतान राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कोर्ट ने कहा, प्रोजेक्ट अभी भी चालू है और कर्मचारी न्यूनतम वेतन पर कार्यरत हैं ऐसे में उन्हें फंड मिलने की अनिश्चित प्रतीक्षा में नहीं रखा जा सकता। हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं का बकाया वेतन 30 अगस्त तक हर हाल में जारी किया जाए। ऐसा न होने की स्थिति में जन स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और अभियंता प्रमुख की तनख्वाह भी रोकी जाएगी जब तक कि अदालत से विशेष अनुमति न ली जाए। मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर 2025 को निर्धारित की गई है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें