- पंचकूला में नशामुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम बताैर मुख्य अतिथि शामिल हुए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को खोखला करता है। हम सबकी जिम्मेदारी है कि युवा पीढ़ी को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करें। नशे की गिरफ्त में फंसने वालों से दूरी बनाने की जगह उन्हें नशा छोड़ने के लिए सहयोग और प्रेरित करें। यहां सबसे बड़ी जिम्मेदारी समाज और माता-पिता की है। माता-पिता अपने बच्चों को समय दें और उनका सही मार्गदर्शन करें ताकि वे रास्ता न भटकें। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को पंचकूला में नशामुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान सीएम ने उपस्थित लोगों को नशा न करने और दूसरों का नशा छुड़वाने की शपथ दिलवाई। सीएम ने कहा कि नशामुक्त भारत अभियान केवल एक सरकारी पहल नहीं बल्कि एक जन आंदोलन है जिसमें युवाओं, महिलाओं, बच्चों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों, संत-महात्माओं और सामाजिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। पीएम नरेंद्र मोदी की पहल पर पांच वर्ष पहले 15 अगस्त 2020 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने नशामुक्त भारत अभियान की शुरुआत की थी। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा, पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल, पूर्व विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता, हरियाणा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख ओपी सिंह सहित संत समाज के लोग उपस्थित रहे।
संत समाज ने किया समाजसेवियों का आह्वान
संत समाज ने सरकार की ओर से युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की। संतों ने कहा कि राष्ट्र की प्रगति तभी संभव है जब समाज नशा मुक्त हो। नशा हमारी युवा पीढ़ी को कमजोर कर रहा है और यह देश की रीढ़ को तोड़ने का काम कर रहा है। संतों ने समाजसेवियों का आह्वान किया कि नशामुक्ति को जन आंदोलन का रूप दें और भारत को नशा मुक्त बनाने में अपना योगदान दें। संत समाज की ओर से इस अभियान को सफल बनाने में हर संभव सहयोग दिया जाएगा।