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Chandigarh-Haryana News: 10 दिन से धान की खरीद, विपणन बोर्ड को डिजिटल कांटों के संचालन की नहीं जानकारी, अब मांगा ब्योरा

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आढ़ती एसोसिएशन ने सरकार को घेरा, कहा-32 हजार आढ़ती तुरंत डिजिटल कांटे कहां से लाएं
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किसान सभा ने कहा-अधिकारी निगरानी करते तो डिजिटल कांटे जो जाते संचालित
मंडियों में 8.88 लाख मीट्रिक टन धान पहुंचा, खरीद सिर्फ 5.90 लाख टन की
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़/करनाल/हिसार/रोहतक। प्रदेश की मंडियों में 22 सितंबर से धान की खरीद जारी है। मंडियों और क्रय केंद्रों पर डिजिटल कांटों से अनाज की तौलाई होनी था। हैरानी वाली बात ये है कि 11वें दिन हरियाणा राज्य कृषि बोर्ड के अधिकारियों की नींद टूटी और मंडियों में डिजिटल कांटों का संचालन हो रहा है कि नहीं इसका ब्योरा मांगा गया है। वहीं, किसान और किसान संगठनों की तरफ से आढ़तियों पर मनमानी के आरोप लग रहे हैं। वहीं, आढ़ती एसोसिएशन के राज्य प्रधान डा. राम तायल ने डिजिटल कांटों के संचालन के आदेशों पर सरकार को ही घेरा है। उन्होंने कहा, अब करीब 32 हजार आढ़ती अचानक डिजिटल कांटे से कहां से लाएं। शुक्रवार तक करीब 888314 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है और 590657.46 मीट्रिक टन की खरीद की जा चुकी है। 219510.74 मीट्रिक टन धान का उठान हो चुका है। अभी तक किसानों को 367.42 करोड़ की रकम का भुगतान किया गया है।
राज्य कृषि बोर्ड के मुख्य विपणन प्रवर्तन अधिकारी संजीव चाैहान ने सभी जिला विपणन प्रवर्तन अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंडियों और क्रय केंद्रों में डिजिटल कांटों के संचालन की स्थिति का ब्योरा दें। सवाल ये भी उठ रहे हैं कि मंडियों में व्यवस्थाओं पर निगरानी के लिए पांच सदस्यीय टीम तैनात है। फिर भी डिजिटल कांटे संचालित नहीं। अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष मास्टर बलबीर ने कहा, मार्केटिंग बोर्ड से लेकर सरकार के अधिकारी निगरानी करते तो डिजिटल कांटे संचालित हो गए होते। आरोप लगाए कि मंडियों में किसानों की फसलों को मिलर्स भी सस्ते में खरीद रहे हैं। मंडियों में डिजिटल कांटे नहीं। नमी मापने वाली पुराने ही मशीन हैं लेकिन अधिकारी कोई निगरानी नहीं रख रहे। वहीं, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने बताया कि सभी मंडियों में डिजिटल कांटों का ही उपयोग होगा। जिन मंडियों में डिजिटल कांटे नहीं होंगे वहां तत्काल डिजिटल कांटे लगाने के निर्देश दिए हैं और इन्हीं कांटों से किसानों के सामने ताैल होगी।
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एसोसिएशन ने कहा, आनन-फानन में 32 हजार आढ़ती कैसे एक साथ लगाए डिजिटल कांटे
राज्य मंडी आढ़ती एसोसिएशन के राज्य प्रधान ने बताया कि सरकार ने डिजिटल कांटे लगाने के आदेश दे दिए। पिछले वर्ष मापताैल विभाग ने जिन कांटों को वैध बताया था और ताैल के लिए अधिकृत किया था वह कांटे बेकार हो जाएंगे। अब आढ़ती अचानक डिजिटल कांटे से कहां से लाएं। जिन डिजिटल कांटों का मूल्य 3-4 हजार रुपये तक था उनका मूल्य बढ़कर 12 से 13 हजार रुपये तक हो गया है। सरकार तुरंत इस प्रकरण में न्यायसंगत निर्णय दे, फिर भी बात नहीं बनेगी तो आढ़ती सरकार से वार्ता करेंगे।
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