अब ट्रांसफर में किसी नेता की सिफारिश नहीं चलेगी, मुख्यमंत्री के पास रहेगा विशेषाधिकार
अब जिन विभागों में कैडर कर्मियों की संख्या 50 है, वहां भी ऑनलाइन पालिसी लागू होगी
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने सभी विभागों के लिए ऑनलाइन स्थानांतरण नीति लागू कर दी है। नई नीति के तहत अब जिन विभागों में 50 या उससे अधिक कैडर कर्मियों की संख्या है, अब वहां भी आनलाइन स्थानांतरण नीति लागू होगी। पहले 80 कर्मियों की संख्या तय थी। वहीं, जिन विभागों में 50 से भी कम संख्या है, वहां भी प्रशासनिक सचिव चाहे तो इस नीति को लागू कर सकते हैं।
इस नीति में महिलाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। मनचाही पोस्टिंग के लिए मेरिट लिस्ट तैयार होगी, जिनमें महिलाओं को दस अतिरिक्त अंक मिलेंगे। वहीं, 40 वर्ष से अधिक आयु के अविवाहित महिला कर्मचारी, विधवा, तलाकशुदा महिलाओं को भी अतिरिक्त दस अंक दिए जाएंगे। अभी तक सभी विभागों में अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांसफर पालिसी थी। ऐसे में अब हरियाणा सरकार ने नई ऑनलाइन पालिसी लागू कर दी है। इसमें किसी भी नेता की नहीं चलेगी। कर्मचारी ट्रांसफर के लिए सिर्फ अपने अधिकारी से ही सिफारिश कर सकेंगे।
वहीं, मुख्यमंत्री के पास विशेषाधिकार दिया गया है। वहीं, जब ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव चालू न हो, तो ऐसे समय में ऐसी महिला कर्मचारी, जिसने हाल ही में विवाह किया है या विधवा हुई है या फिर तलाक हुआ है, उसे 6 माह में सक्षम अधिकारी को सूचना देनी होगी। वह एक बार रिक्त पद के विरुद्ध पसंदीदा पोस्टिंग के लिए पात्र होगी। सामान्य ऑनलाइन ट्रांसफर वर्ष में एक बार होंगे। हालांकि, पदोन्नति प्रशासनिक अनिवार्यताओं के लिए सीएम की पूर्व स्वीकृति से होंगे।
मनपसंद पोस्टिंग के लिए प्राप्त करने होंगे ये स्कोर
मनपसंद पोस्टिंग के लिए मेरिट सूची बनेगी। इसमें जिसके ज्यादा अंक होंगे, उसे मनपंसद पोस्टिंग दी जाएगी। किसी भी कर्मचारी को रिक्त पद के आवंटन के योग्यता के अर्जित कुल 80 अंकों के आधार पर तय की जाएगी। इसमें उम्र के हिसाब से भी अंक मिलेंगे। जिस कर्मचारी की उम्र ज्यादा होगी, उसे एक साल के हिसाब से एक अंक ज्यादा मिलेगा। अधिकतम इसमें 60 अंक मिलेंगे। वहीं, किसी तलाकशुदा, विधुर व एक या एक अधिक नाबालिग बच्चे हैं तो उन्हें दस अंक अतिरिक्त मिलेगा। दंपती केस में पांच अंक, सैनिक की पत्नी, बीमारी और विकलांगता पर 10-10 अंक निर्धारित किए हैं। यदि विकलांगता 70% से अधिक है तो 20 अंक मिलेंगे। वहीं, यदि किसी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है तो दस अंक कट जाएंगे।
इन्हें छूट दी गई है
ट्रांसफर पालिसी में कई लोगों को छूट दी गई है। 21 गंभीर रोगों से पीड़ितों को छूट दी गई है। इसमें कैंसर, बाइपास सर्जरी, डायलिसिस, थैलीसीमिया, ऑटिज्म, एड्स, मिर्गी व अन्य बीमारियों के पीड़ितों को छूट दी गई है। इसके अलावा जिन कर्मचारियों का एक साल बाकी है और जिनका दस साल से छोटा बच्चा हैं या फिर 70 फीसदी से ज्यादा विकलांग को छूट दी गई है।