हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने की कार्रवाई, तत्कालीन एसडीओ को भी जारी किया नोटिस
चंडीगढ़। हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने उपभोक्ता को सेवा प्रदान करने में देरी और लापरवाही पर सोनीपत बिजली निगम के कैशियर अशोक कुमार पर तीन हजार रुपये का सांकेतिक जुर्माना और एक हजार रुपये उपभोक्ता को मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया है। आयोग ने सोनीपत के अधीक्षण अभियंता को निर्देशित किया है कि चार हजार रुपये की राशि अशोक कुमार के मई के वेतन से काटी जाए। इसमें तीन हजार रुपये राज्य कोष में जमा किए जाए और एक हजार रुपये उपभोक्ता को भुगतान किया जाए।
सोनीपत निवासी अल्का गुलाटी ने आयोग को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने विद्युत विभाग सोनीपत में अतिरिक्त जमा सुरक्षा राशि 4 हजार 500 रुपये की वापसी के लिए आवेदन किया था। लेकिन विभाग ने न तो यह राशि समय पर वापस की और न ही कोई स्पष्ट जानकारी दी। आयोग ने जांच में पाया कि कैशियर अशोक कुमार ने उपभोक्ता की अतिरिक्त सुरक्षा राशि 4 हजार 500 रुपये की वापसी में देरी की, जो स्पष्ट रूप से उनकी लापरवाही को दर्शाता है।
वहीं, तत्कालीन एफजीआरए-सह-एसडीओ अश्विनी धनखड़ ने 24 जनवरी को अपील का निपटारा करते समय गलत तथ्यों का उल्लेख किया। आयोग ने धनखड़ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा के लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर छह जून तक आयोग को जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।