हरियाणा सरकार इस बार पराली जलने के मामलों में कमी के लिए प्रयासरत है। सरकार के आदेश हैं कि जो किसान पराली जलाएंगे, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। साथ ही रेड एंट्री भी दर्ज होगी। इसके बावजूद प्रदेश में पराली जलना बदस्तूर जारी है।
हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में कमी नहीं आ रहीं है। पराली जलाने से रोकने में नाकाम अलग अलग जिलों में तैनात 24 अधिकारियों/कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। हरियाणा कृषि विभाग की तरफ से आदेश जारी दिए गए है।
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सस्पेंड होने वाले कर्मचारियों में पानीपत के दो, हिसार के दो, जींद के दो, कैथल के तीन, करनाल के तीन, फतेहाबाद के तीन, कुरुक्षेत्र के चार, अंबाला के तीन और सोनीपत के दो कर्मचारी शामिल हैं। इन सभी की ड्यूटी पराली जलाने से रोकने के लिए अलग अलग जिलों में गठित विशेष टीम में लगाई गई थी।
कुरुक्षेत्र के चार कृषि अधिकारी सस्पेंड
फसल अवशेषों में लगाई जा रही आग की घटनाओं पर अंकुश लगाने को लेकर प्रदेश सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। किसानों पर ही नहीं कृषि अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मंगलवार को विभाग के 24 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इनमें चार अधिकारी कुरुक्षेत्र जिला के हैं। इनमें लाडवा के बीएओ अमित कंबोज, थानेसर के विनोद कुमार, शाहाबाद के ओमप्रकाश और पिपली के एडीओ प्रताप सिंह शामिल। इस कार्रवाई से विभाग के अधिकारियों का कर्मचारियों में खलबली मच गई है। उधर पुलिस प्रशासन ने शिकायतें मिलने पर जिला के 47 किसानों पर अलग-अलग थानों में मामला भी थी दर्ज कर लिया है। संभावना जताई जा रही है कि देर शाम तक किसानों की गिरफ्तारी हो सकती हैं।