हरियाणा में कृषि एवं कल्याण विभाग के पोर्टल मेरी फसल-मेरा ब्योरा पर असल किसानों के बजाय दूसरे लोगों की ओर से कराए गए पंजीकरण के अब भी 16 हजार से ज्यादा मामले लंबित हैं।
कुरुक्षेत्र जिले की कलायत तहसील और कृषि विभाग के अधिकारियों के पास किसानों के गेटपास न कटने की शिकायतें पहुंचीं हैं। किसानों के नाम पर यदि किसी ने गलत पंजीकरण करा लिया है तो किसान संबंधित तहसीलदार, एसडीएम या उपायुक्त को शिकायत दे सकते हैं। इसमें बताना होगा कि उक्त व्यक्ति की संबंधित खेवट में कोई हिस्सेदारी या मालिकाना हक नहीं है। इसके बाद अधिकारी जांच करवाकर मंडी में फसल बेचने आने वाले किसानों के गेट पास बनवाने में मदद करेंगे। इससे किसान अपनी फसल बेच पाएंगे।
महेंद्रगढ़ प्रशासन को कुछ संगठनों की ओर से दूसरे जिलों में बैठे लोगों की ओर से स्थानीय किसानों की फसल का फर्जी पंजीकरण कराए जाने की शिकायत दी गई थी। जब कृषि विभाग के अधिकारियों ने जांच कराई तो पंजीकरण कराने वालों का लिंक ही नहीं मिला। जांच में पाया गया कि ठगों ने वह लिंक डिलीट कर दिया। ऐसे में किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों को एफआईआर दर्ज करने के लिए साक्ष्य ही नहीं मिला।
अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य प्रधान मास्टर बलबीर ने कहा कि अभी भी पीड़ित किसान उपायुक्तों से लेकर तहसीलों और कृषि विभाग के अधिकारियों के पास चक्कर काट रहे हैं। सरकार और कृषि विभाग भविष्य में फर्जी पंजीकरण रोकने के लिए ठोस नीति बनाए। भारतीय किसान यूनियन के राज्य प्रधान रतन मान का कहना है कि यह गंभीर समस्या दो-तीन वर्षों से है। पिछले वर्ष एक किसान की फसल पर दूसरे ने फर्जी पंजीकरण करा लिया था तो संबंधित किसान ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
रोहतक के किसान सोमबीर का कहना है कि उनके पिता रघुबीर के नाम पर 5 एकड़ भूमि में बाजरा और धान की बुवाई की थी। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर किसी अन्य ने फसल बिक्री के लिए पंजीकरण करा लिया है। अब फसल बिक्री की चिंता है इसलिए तहसील में शिकायत करेंगे।
इस प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। किसान चाहें तो लिखित में भी शिकायत दे सकते हैं ताकि संबंधित जिलों में जांच के बाद कार्रवाई हो सके। - श्याम सिंह राणा, कृषि एवं कल्याण मंत्री, हरियाणा।