अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया सच
अमर उजाला की ओर से करवाई गई पड़ताल में पाया गया कि रेवाड़ी, रोहतक, महेंद्रगढ़, झज्जर, अंबाला और यमुनानगर में एक भी कक्षा की किताब नहीं आई। करनाल, कैथल, पानीपत, हिसार, कुरुक्षेत्र, जींद, भिवानी चरखीदादरी, सिरसा, फतेहाबाद और सोनीपत जिले में आधी-अधूरी पहुंची हैं। कहीं स्कूलों में पहली से तीसरी तक की किताबें पहुंची तो कहीं आधे विषयों की ही। मजबूरी में अध्यापक पुरानी किताबों या बिना किताबों के ही पढ़ाने के लिए मजबूर हैं।
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किसी को नहीं पता, कब आएंगी किताबें
किताबें कब तक स्कूलों में आएंगी, इसकी जानकारी स्कूल के प्रधानाचार्यों तक को नहीं है। अधिकतर जिलों में शिक्षा अधिकारियों को भी इसकी जानकारी नहीं। कुछ का कहना है कि बुधवार को पहुंच जाएंगी जबकि कुछ जल्द आने का दावा करते हैं। कुछ ने यह भी कहा कि मंगलवार रात तक ही पहुंच रही हैं।