अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि कर्मचारी और मजदूर संगठनों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। आंदोलन की औपचारिक घोषणा के लिए 9 जनवरी को नई दिल्ली में कर्मचारियों और मजदूरों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा जिसमें हजारों प्रतिनिधि भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि देश की दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारियों की अखिल भारतीय फेडरेशनों ने संयुक्त रूप से आंदोलन का फैसला लिया है। लांबा ने कहा कि पीएफआरडीए एक्ट रद्द कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, ठेका व संविदा कर्मियों को नियमित करने, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाने, खाली पदों पर नियमित भर्ती कर बेरोजगारों को रोजगार देने, नई शिक्षा नीति व बिजली संशोधन बिल पर रोक लगाने और 18 माह के बकाया डीए-डीआर जारी करने जैसी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
सम्मेलन में हरियाणा से सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, हरियाणा कर्मचारी महासंघ सहित सीटू, एटक, इंटक, एचएमएस और एआईयूटीयूसी जैसे मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। लांबा ने वेनेजुएला के निर्वाचित राष्ट्रपति निकोलस मादुरो व उनकी पत्नी की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे अमेरिकी साम्राज्यवाद का बर्बर हमला बताया और इसके विरोध में देशभर में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की।