राइट टू सर्विस एक्ट के तहत हुई कार्रवाई, शिकायतकर्ता को भी देना होगा पांच हजार मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने भूमि हस्तांतरण व म्यूटेशन प्रक्रिया में देरी बरतने पर हिसार के नायब तहसीलदार नवदीप पर पांच हजार का जुर्माना लगाया। साथ ही शिकायतकर्ता को पांच हजार रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। आयोग ने हिसार के उपायुक्त को निर्देश दिया है कि नायब तहसीलदार के अप्रैल 2025 के वेतन से यह राशि काटकर राज्य कोष में जमा कराई जाए और मुआवजा शिकायतकर्ता को प्रदान किया जाए। आयोग के प्रवक्ता ने बताया, इस मामले में हिसार निवासी सुमेधा जिंदल ने शिकायत दर्ज करवाई थी। जांच के दौरान नायब तहसीलदार नवदीप ने बताया कि दि हिसार एनिमल हसबेंडरी को-ऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी लिमिटेड के नाम भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया जून 2024 से शुरू होकर अक्तूबर 2024 में पूरी हुई थी। जबकि उस अवधि में सिर्फ सेल डीड हो पाई थी। जबकि हरियाणा सरकार की 16 मार्च 2021 की अधिसूचना के मुताबिक सेल डीड के दिन से ही म्यूटेशन प्रक्रिया स्वतः आरंभ हो जानी चाहिए थी। जबकि इस मामले में म्यूटेशन प्रक्रिया काफी देरी से हुई। आयोग ने पाया कि जिन सेल डीड का पंजीकरण शिकायतकर्ता के बाद हुआ था, उनका म्यूटेशन पहले दर्ज कर लिया गया। यह स्पष्ट रूप से भेदभाव और सेवा में देरी को दर्शाता है।