मुख्य सचिव ने नशे के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ सख्त है। शुक्रवार को मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी दवा दुकानों में सभी केमिस्ट शॉप में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य करने के लिए आदेश जारी किए हैं। निर्देश दिया कि दवा विक्रेताओं को अपना लाइसेंस ऐसी जगह पर प्रदर्शित करना होगा, जहां उपभोक्ता आसानी से देख सकें। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने शुक्रवार को राज्य स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र (एनसीओआरडी) की बैठक में नशीली दवाओं से जुड़े अपराध से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की। इस दौरान राज्य के सभी उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। उन्होंने सभी उपायुक्तों को नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट 22 अप्रैल तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया कि जनवरी से लेकर मार्च तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 834 एफआईआर दर्ज की गईं हैं। 1,319 तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें 119 मामले नशीले पदार्थों की व्यावसायिक मात्रा से संबंधित थे, जबकि 578 मामले मध्यम मात्रा से संबंधित थे।
प्रहरी क्लब में नशे के आदी युवाओं के अभिभावक भी होंगे शामिल
बैठक में मुख्य सचिव ने प्रहरी क्लबों को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। यह क्लब नशीली दवाओं के दुरुपयोग के बारे में छात्रों में जागरूकता पैदा करने के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इन क्लबों में अब शिक्षकों के साथ-साथ नशे की लत वाले युवाओं के माता-पिता को भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि परामर्श के लिए अधिक सकारात्मक वातावरण स्थापित किया जा सके। गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने निर्देश दिए कि नशा मुक्ति केंद्रों के निरीक्षण के दौरान न केवल कमियों की पहचान की जानी चाहिए, बल्कि सुधारों को भी स्वीकार किया जाना चाहिए।
नशा मुक्ति केंद्रों को दी जाएगी स्टार रेटिंग
सेवा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा ने बताया, नशा मुक्ति केंद्रों में गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से एक स्टार-रेटिंग प्रणाली शुरू की गई है। नशा मुक्ति सेवाओं को सक्षम बनाने के लिए हरियाणा नशा दुरुपयोग निगरानी प्रणाली के रूप में एक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है। पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर अंबाला और पंचकूला में इसे शुरू किया गया है।