अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा नगर पालिका कर्मचारी संघ ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया है। संघ ने 21 सितंबर को रोहतक के कर्मचारी भवन में राज्यस्तरीय सम्मेलन के आयोजन का निर्णय लिया है।
इस सम्मेलन में प्रदेश कार्यकारिणी संयुक्त रूप से आंदोलन पर फैसला लेगी। नगर पालिका कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने कहा कि राज्यस्तरीय सम्मेलन के लिए सभी 87 निकायों में जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। सम्मेलन के दाैरान सफाई और सीवर के कार्यों में ठेका प्रथा बंद करने की मांग उठाई जाएगी।
सरकारी और अर्ध सरकारी, निगम, बोर्ड, विश्वविद्यालयों, पंचायतों, पालिका, परिषदों, नगर निगमों में काम करने वाले सभी कच्चे कर्मचारियों को बिना शर्त पक्का करने की मांग भी रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रफल और आबादी के अनुपात में सफाई व सीवर कर्मचारियों की भर्ती की जानी चाहिए। गांवों और शहरों में सफाई का काम करने वाले और सभी प्रकार के ठेका कर्मियों का न्यूनतम वेतन 26000 रुपये किया जाना चाहिए। श्रम कानून लागू करने और नियमित सफाई कर्मचारियों का वेतनमान ग्रुप सी के सामान करने का मुद्दा भी सम्मेलन में उठाया जाएगा। राज्य प्रधान ने कहा कि गुरुग्राम, मानेसर व अन्य निकायों में छंटनी कर हटाए गए सभी कर्मचारियों को नाैकरी पर रखा जाए।
कच्ची भर्तियां व मानदेय की व्यवस्था बंद कर पक्के कर्मचारियों की भर्ती होनी चाहिए। 10वीं, 12वीं, स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा, डिग्रीधारक सफाई व सीवर कर्मचारियों को ग्रुप सी के पदों पर पदोन्नति देने का नियम बनाया जाना चाहिए। सम्मेलन में कर्मचारियों के इन मुद्दों को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी।