हरियाणा में नगरपालिका और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल तीन दिन के लिए बढ़ा दी गई है। यह हड़ताल अब 22, 23 और 24 अगस्त तक जारी रहेगी। कर्मचारी संघों ने हरियाणा सरकार के "हठधर्मिता और अड़ियल रवैये" के विरोध में यह फैसला लिया है।
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने संयुक्त रूप से इसकी घोषणा की है। कर्मचारियों की यह हड़ताल छह अगस्त से चल रही है। यूनियनों का आरोप है कि सरकार उनकी जायज मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। इस कारण कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी नाराजगी है। हड़ताल के कारण राज्य में नागरिक सेवाओं पर व्यापक असर पड़ रहा है। सफाई और अग्निशमन जैसी आवश्यक सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कर्मचारी नेताओं ने सरकार से अपनी मांगों को तुरंत पूरा करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, संघर्ष जारी रहेगा।
महापंचायत का आयोजन
हड़ताल के दौरान 23 अगस्त, रविवार को एक महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। यह महापंचायत सभी पालिका, परिषद और निगमों के धरना स्थलों पर होगी। इसमें दलित, सामाजिक, राजनीतिक, किसान, मजदूर और जन संगठनों को आमंत्रित किया जाएगा। महापंचायत का मुख्य उद्देश्य सरकार की नीतियों और रवैये को जनता के सामने उजागर करना है। कर्मचारी नेता सरकार पर "पोल खोलने" का आरोप लगा रहे हैं।
कर्मचारी नेताओं का रुख
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री और महासचिव मांगेराम तिगरा ने हड़ताल जारी रखने की बात कही। हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजिंदर सिणद और महासचिव गुलशन भारद्वाज ने भी इस फैसले का समर्थन किया। नेताओं ने जोर देकर कहा कि कर्मचारियों की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए संघर्ष को अपना अधिकार बताया। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह एकजुट हैं।