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Chandigarh-Haryana News: पड़ोसी राज्यों के एमटीपी व आईवीएफ सेंटर पर भी होगी निगरानी

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लिंगानुपात में सुधार के लिए हरियाणा सरकार पड़ोसी राज्यों से समन्वय मजबूत करेगी
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लिंग चयन की प्रथा पर भी सख्त कार्रवाई करेगी सरकार


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लिंगानुपात में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग अब पड़ोसी राज्यों के उन केंद्रों पर भी निगरानी बढ़ाएगा, जहां लिंग चयन की कार्यवाही को अंजाम दिया जा रहा है। इनमें गर्भपात व आईवीएफ सेंटर भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पंजाब, दिल्ली, राजस्थान व यूपी के केंद्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इन प्रदेशों के अधिकारियों के साथ अंतर जिला समन्वय और मजबूत बनाने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि हरियाणा में टास्क फोर्स गठित होने के बाद लिंगानुपात चयन की प्रथा पर अंकुश लगाया गया है। सख्ती का नतीजा है कि 300 से ज्यादा गर्भपात सेंटरों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए या लाइसेंस खुद सरेंडर कर दिया। गर्भपात दवाओं की बिक्री में भी कमी आई है। लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। इससे हरियाणा में हालात में सुधार आया है। ऐसे में संभावना है कि अब पड़ोसी राज्यों में इस तरह की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। ऐसे में पड़ोसी राज्यों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने बताया कि लिंगानुपात में सुधार आ रहा है। पिछले वर्ष 30 जून तक लिंगानुपात 904 था, जो बढ़कर 906 पहुंच गया है। आगे भी सुधार की पूरी गुंजाइश है। स्वास्थ्य विभाग की पूरी कोशिश है कि हरियाणा में इस तरह प्रथाएं पूरी तरह बंद हो जाए। पिछले साल लिंगानुपात 910 दर्ज किया गया था, जो पिछले आठ सालों में सबसे कम था। उसके बाद हरियाणा सरकार ने टास्क फोर्स गठित की, जो लगातार लिंगानुपात से संबंधित सभी पहलुओं पर बारीकी से नजर रख रही है।
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