फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अविवाहित सरकारी कर्मचारी की मृत्यु पर मां को अनुकंपा सहायता से नहीं कर सकते वंचित : हाईकोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
-2011 में सेवा के दौरान मृत संस्कृत शिक्षक की मां को सभी देय लाभ जारी करने का आदेश
विज्ञापन

-मृतक के पिता की पेंशन के आधार पर मां का दावा रद्द करने की सरकार की मांग खारिज



अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। अनुकंपा वित्तीय सहायता से जुड़े अहम मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया कि वह वर्ष 2011 में सेवा के दौरान मृत अविवाहित शिक्षक मां को 2006 के नियमों के तहत सभी देय लाभ 6 प्रतिशत ब्याज सहित जारी करे।
जस्टिस पंकज जैन ने 22 दिसंबर को फैसला सुनाते हुए ट्रायल कोर्ट और निचली अपीलीय अदालत के उन आदेशों को रद्द कर दिया जिनमें मृतक कर्मचारी की मां कलावती का दावा इस आधार पर खारिज कर दिया गया था कि वह पूरी तरह अपने बेटे पर निर्भर नहीं थीं। कलावती के कुरुक्षेत्र के सरकारी मिडिल स्कूल में संस्कृत शिक्षक के पद पर कार्यरत बेटे हरिहर मोहन का 11 अक्तूबर 2011 को सेवा के दौरान निधन हो गया था। वे अविवाहित थे और मृत्यु के समय उनका वेतन 38,570 था। कलावती ने दावा किया कि वह अपने बेटे पर निर्भर थी और याची ने बेटे की सेवानिवृत्ति अवधि तक अंतिम वेतन के बराबर वित्तीय सहायता तथा उसके बाद पारिवारिक पेंशन की मांग की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार ने दावे का विरोध करते हुए कहा था कि कलावती के पति सत नारायण शास्त्री एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं और उन्हें 15,475 मासिक पेंशन मिलती है। साथ ही उन्होंने अपनी पत्नी को पारिवारिक पेंशन के लिए नामित कर रखा है। इसी आधार पर निचली अदालतों ने माना कि कलावती पूरी तरह आश्रित नहीं हैं और उन्होंने पति की पेंशन की जानकारी याचिका में नहीं दी। हाईकोर्ट ने इस दृष्टिकोण को गलत ठहराया। जस्टिस जैन ने कहा कि केवल इस आधार पर कि पति को पेंशन मिल रही है या इस तथ्य का उल्लेख याचिका में नहीं किया गया, मां को अनुकंपा सहायता से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह निर्विवाद है कि कलावती की कोई स्वतंत्र आय नहीं है। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि हरियाणा अनुकंपा सहायता नियम, 2006 के तहत पात्रता का निर्धारण पारिवारिक पेंशन योजना, 1964 के अनुसार होता है, जिसमें अविवाहित मृत कर्मचारी के माता-पिता को परिवार की परिभाषा में शामिल किया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें