चंडीगढ़। प्रदेश में तीन हजार से अधिक निजी स्कूलों की मान्यता का मामला दो दशकों से लटका हुआ है। शिक्षा विभाग की तरफ से हर शैक्षणिक सत्र में निजी स्कूलों को बंद करने की तलवार लटका दी जाती है। सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लब में फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाया है।
शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार से निजी स्कूल तकरीबन 10 सालों से राहत की उम्मीद में हैं। निजी स्कूलों को मानक पूरा नहीं होने का हवाला देकर कभी भी बंद करने की धमकी मिलने लगती है। जबकि, मानकों को पूरा नहीं करने वाले सरकारी स्कूल चल रहे हैं। सरकार को एकमुश्त शिक्षा के अधिकार के तहत 2011 से पहले चलने वाले हर स्कूल को जितने कमरे उनके पास उपलब्ध है, उसके अनुसार मान्यता देनी चाहिए।