'म्हारा गांव-जगमग गांव' योजना से 5887 गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति होगी
चंडीगढ़। हरियाणा ने बिजली वितरण और उपभोक्ता सेवा के क्षेत्र में तकनीकी क्रांति कर दी है। प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 81,92,187 पहुंच गई है, इनमें से 49,15,312 उपभोक्ता अपने बिजली बिलों का भुगतान डिजिटल माध्यमों से कर रहे हैं। यह आंकड़ा न सिर्फ हरियाणा की डिजिटल साक्षरता का प्रमाण है, बल्कि उपभोक्ताओं की सुविधा, पारदर्शिता और समय की बचत का भी परिचायक है।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बयान जारी करते हुए कहा कि हरियाणा में बिजली वितरण का जिम्मा उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के पास है।
इन दोनों निगमों को हर माह मिलने वाले कुल राजस्व का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा ऑनलाइन माध्यमों से प्राप्त हो रहा है। विज ने बताया कि पिछले 13 वर्षों में हरियाणा की बिजली वितरण कंपनियों ने तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों (एटी एंड सी लोसेस) में ऐतिहासिक कमी दर्ज की है। वर्ष 2012-13 में यह हानि 29.31 प्रतिशत थी, जोकि जनवरी 2025 तक घटकर मात्र 10.52 प्रतिशत ही रह गई है।
यूएचबीवीएन ने 35.60 प्रतिशत से घटाकर 9.38 प्रतिशत और और डीएचबीवीएन ने 23.29 प्रतिशत से घटाकर 11.35 प्रतिशत तक की हानि को सीमित किया है। हरियाणा में ट्रांसफॉर्मर क्षति दर में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है। वर्ष 1997-98 में यह दर 30.45 प्रतिशत थी, जो 2024-25 में घटकर 4.74 प्रतिशत रह गई है। वहीं, ''म्हारा गांव-जगमग गांव'' योजना के तहत प्रदेश के 5887 गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। उपभोक्ता अपनी शिकायतें टोल फ्री नंबर 1912 पर दर्ज कता सकते हैं। गुरुग्राम में एक केंद्रीय ग्राहक सेवा केंद्र, पंचकूला और गुरुग्राम में कॉल सेंटर स्थापित किया गया है, सर्दियों में जहां पंचकूला के कॉल सेंटर में 80 सीटें हैं तो गर्मियों में 180 सीटों का यह कॉल सेंटर है।