कठिन प्रश्नपत्र वालों को अतिरिक्त अंक देने पर विचार करेगा एचएसएससी
परिणाम जारी करने से पहले आवेदकों को श्रेणी सुधार का अवसर दिया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में दो दिन चली संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) रविवार को समाप्त हो गई। छिटपुट खामियों को छोड़ परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से निपट गई। कहीं से पेपर लीक या गड़बड़ी की सूचना नहीं आई। दोनों दिन में 12 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) आधिकारिक आंकड़े सोमवार को जारी करेगा।
अभ्यार्थियों के मुताबिक चारों शिफ्ट में गणित व कंप्यूटर के सवाल दूसरे प्रश्नों के मुकाबले कठिन थे। रविवार की पहली पाली में अन्य की अपेक्षा कठिन प्रश्नपत्र के मुद्दे पर एचएसएससी के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने कहा कि इसके लिए नॉर्मलाइजेशन पर विचार किया जा सकता है। इसमें कठिन प्रश्नपत्र वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अंक दिए जा सकते हैं। उन्होंने दोहराया कि एक माह में सीईटी का नतीजा जारी कर दिया जाएगा। इससे पहले उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार पोर्टल खोलकर उन अभ्यर्थियों को सुधार का अवसर दिया जाएगा, जो आवेदन में अपनी श्रेणी नहीं भर पाए थे।
सीईटी के दूसरे दिन रविवार को छह लाख से ज्यादा ने परीक्षा दी। हिम्मत सिंह ने बताया कि शनिवार व रविवार को सीईटी के लिए कुल 13 लाख 48 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के प्रवेश-पत्र जारी किए गए थे। रविवार को पहली शिफ्ट में 1335 परीक्षा केंद्रों पर 3,37,022 और दूसरी शिफ्ट में 1333 केंद्रों पर 3,36,624 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। शनिवार को 6,75,051 अभ्यर्थियों के लिए व्यवस्था की गई थी। दोनों दिनों की सभी शिफ्टों में औसतन 90 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति दर्ज की गई। शनिवार की तरह रविवार को भी बसों का इंतजाम बेहतर रहा। परिवहन सेवा में कोई अव्यवस्था देखने को नहीं मिली। बस अड्डों से शटल बस की मदद से परीक्षार्थियों को सीधे परीक्षा केंद्र पहुंचाया गया।
तीन जगह गड़बड़ी करने वाले पकड़े गए
कैथल में दोस्त के स्थान पर परीक्षा दे रहा जींद के युवक को गिरफ्तार किया गया है। जींद के बड़ौदी गांव के अमित की जगह इसी गांव का मंजीत परीक्षा देने पहुंचा था। मंजीत ने स्वीकार किया कि वह दोस्ती में अमित की जगह परीक्षा देने आया था। पुलिस ने केस दर्ज कर मंजीत को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, सिरसा के नौरंग के ग्राम सचिव को परीक्षा देते वक्त हिरासत में ले लिया था। बाद में पुलिस ने पूछताछ कर उनको छोड़ दिया। इस मामले में शहर थाना पुलिस ने आयोग से जानकारी मांगी है कि ग्राम सचिव अपनी परीक्षा दे रहे थे या किसी और की। वहीं, जींद में दिव्यांग व उसके सहायक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच में दोनों के दस्तावेज फर्जी मिले हैं। वहीं, कुछ केंद्रों में संदिग्ध परीक्षार्थियों से पूछताछ भी की गई।
50 हजार से अधिक कैमरों से रखी नजर
हिम्मत सिंह ने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया की सटीक और पारदर्शी निगरानी के लिए जिलास्तर के साथ राज्य स्तर पर भी व्यापक तकनीकी व्यवस्थाएं की गई थीं। पंचकूला स्थित आयोग मुख्यालय में अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया। यहां से पूरे राज्य के परीक्षा केंद्रों की निगरानी की गई। कंट्रोल रूम में 50 हजार से अधिक कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग को 26 बड़ी स्क्रीन और 50 लैपटॉप के माध्यम से ट्रैक किया गया। सतत निगरानी के लिए 100 से अधिक कर्मचारी कंट्रोल रूम में लगाए गए थे। इसके अलावा राज्य के सभी जिलों में भी अलग-अलग निगरानी केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा केंद्रों से रीयल टाइम में बायोमीट्रिक उपस्थिति डाटा मुख्यालय भेजा गया।
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कोई भी कार्य हो उसमें चैलेंज होता है, लेकिन जब उस कार्य को टीम रूप में किया जाता है तो चैलेंज आराम से पूरा हो जाता है। परीक्षार्थियों को कोई परेशानी न आए इसका पूरा ध्यान रखा गया। यातायात से लेकर हर तरह की व्यवस्थाएं सरकार ने परीक्षार्थियों को उपलब्ध कराईं। बिना दबाव और खुशनुमा माहौल में युवाओं ने परीक्षा दी है। पुलिस, रोडवेज, प्रशासन के कर्मचारियों और अधिकारियों ने तन्मयता और निष्ठा से कार्य किया है। सीईटी को हरियाणा ने पर्व के रूप में मनाया।
नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री
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परीक्षा के सफल संचालन में सहयोग देने वाले सभी संबंधित विभागों, सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं, अधिवक्ता संघों, परिवहन विभाग, रेलवे, जिला प्रशासन, पर्यवेक्षकों, शिक्षकों और पूरे स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। यह एक ऐसा कार्य था, जिसे सभी ने टीम भावना और समर्पण के साथ अंजाम दिया।
हिम्मत सिंह, चेयरमैन एचएसएससी