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Chandigarh-Haryana News: हर जिले में खुलेगा मॉडल कौशल महाविद्यालय और विद्यालय

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नवनियुक्त कुलपतियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने अपने विजन से कराया अवगत
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सीएम ने कहा, प्रत्येक विश्वविद्यालय को अपने कम से कम 10 फीसदी कार्यक्रम औद्योगिक भागीदारों के सहयोग से चलाने होंगे





अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नवनियुक्त कुलपतियों के साथ सोमवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से कौशल विकास कार्यक्रमों पर विशेष जोर देने का आह्वान किया है। सीएम ने कुलपतियों को अवगत कराया कि सरकार प्रत्येक जिले में एक मॉडल कौशल महाविद्यालय और एक मॉडल कौशल स्कूल स्थापित करने की योजना बना रही है। इस पहल से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही विभिन्न उद्योगों की उभरती जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। ये संस्थान छात्रों को विशेष कौशल शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उन्हें प्रतिस्पर्धी जॉब मार्केट में सफल होने के लिए व्यावहारिक विशेषज्ञता से लैस करेंगे।
सैनी ने कुलपतियों से हरियाणा को वैश्विक स्तर पर ऊंचा उठाने के लिए संस्थागत रैंकिंग बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही शोध आउटपुट, रोजगार के अवसरों, संस्थागत रैंकिंग और शिक्षा की समग्र गुणवत्ता में सुधार की दिशा में प्रयास तेज करने को कहा। उन्होंने कहा कि कुलपतियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की उपस्थिति बढ़ाने के लिए अपने-अपने संस्थानों की रैंकिंग और रेटिंग बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 पर चर्चा करते हुए सीएम ने इसके त्वरित और प्रभावी कार्यान्वयन की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।
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उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को शिक्षा और रोजगार के बीच के अंतर को कम करने के लिए उद्योगों के साथ मिलकर काम करना चाहिए। प्रत्येक विश्वविद्यालय को अपने कम से कम 10 प्रतिशत कार्यक्रम औद्योगिक भागीदारों के सहयोग से चलाने चाहिए।
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अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 20 करोड़ आवंटित


मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष (एचएसआरएफ) की स्थापना की गई है। इस कोष में 20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह कोष विश्वविद्यालयों में शोध को बढ़ावा देगा। विश्वविद्यालय इस निधि का अधिकतम प्रयोग गांवों की सामाजिक समस्याओं और चुनौतियों से निपटने संबंधी शोध कार्यों पर करें। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों और उनके संबद्ध कॉलेजों को नैक मान्यता प्राप्त करने का आग्रह करते हुए उच्च शिक्षा में गुणवत्ता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने संस्थागत प्राथमिकताओं के रूप में संकाय विकास, व्यापक छात्र मार्गदर्शन और सामाजिक परियोजनाओं में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया।
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