- जुलाई-अगस्त में शुरू होगा मेरी विकसित विधानसभा अभियान, किसान, युवा, महिलाएं व सामाजिक संगठन लेंगे विकास के लिए सुझाव
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में अब विकास की योजनाएं केवल सरकारी दफ्तरों में नहीं बनेंगी बल्कि गांवों, वार्डों और आम लोगों के बीच बैठकर तैयार की जाएंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि विकसित हरियाणा-2047 विजन के तहत जुलाई और अगस्त में प्रदेश के सभी विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जाकर जनता से सीधा संवाद करेंगे। इस अभियान का नाम मेरी विकसित विधानसभा रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक गांवों, शहरों, वार्डों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, उद्योग जगत, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक संगठनों से सीधे सुझाव लेंगे। इन सुझावों के आधार पर हर विधानसभा क्षेत्र का अलग-अलग विकास का खाका तैयार किया जाएगा। बाद में इन्हीं योजनाओं को जोड़कर पूरे हरियाणा के लिए वर्ष 2047 तक का विकास का रोडमैप तैयार होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक हरियाणा की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक पहुंचाने, प्रति व्यक्ति आय 40 लाख रुपये से ऊपर ले जाने, महिला श्रम भागीदारी को 45 फीसदी से अधिक करने और महिला साक्षरता को 100 फीसदी तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही हर नागरिक को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर रहेगा।
सीएम के मुताबिक यह केवल सरकार की योजना नहीं बल्कि जनता की भागीदारी से तैयार होने वाला भविष्य का रोडमैप है। विकसित हरियाणा-2047 के लिए प्रत्येक विभाग के वार्षिक लक्ष्य तय होंगे। उनकी नियमित समीक्षा की जाएगी और हर विधानसभा क्षेत्र की प्रगति की निगरानी स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे। इससे विकास योजनाओं में जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित होगी।
हर विधायक अपने क्षेत्र का विजन चैंपियन बनेगा
सीएम ने कहा कि हर विधायक अपने क्षेत्र का विजन चैंपियन बनेगा और क्षेत्र की जरूरतों, समस्याओं तथा संभावनाओं की पहचान करेगा। सरकार का लक्ष्य हरियाणा को अगले 20 वर्षों में आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी ढांचे के स्तर पर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है।