परियोजना की अंतिम रिपोर्ट को मंजूरी, 28 किलोमीटर होगा नया कॉरिडोर
राजा नाहर सिंह स्टेशन से पलवल मिनी सचिवालय तक होगी एलिवेटेड लाइन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो विस्तार परियोजना की अंतिम रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है। इसके बाद परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेज दी गई है। यह जानकारी वीरवार को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एचएमआरटीसी) की 66वीं बोर्ड बैठक में दी गई।
प्रस्तावित मेट्रो लाइन मौजूदा दिल्ली मेट्रो की वायलेट लाइन का विस्तार होगी और करीब 28 किलोमीटर लंबी होगी। नई लाइन पूरी तरह एलिवेटेड होगी। इसका शुरुआती स्टेशन बल्लभगढ़ का राजा नाहर सिंह स्टेशन होगा जहां वर्तमान वायलेट लाइन समाप्त होती है। यहां से मेट्रो पलवल की ओर बढ़ेगी और इसका अंतिम टर्मिनल पलवल मिनी सचिवालय परिसर के पास प्रस्तावित है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 4,500 करोड़ रुपये है। इसका प्रबंधन हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एचएमआरटीसी) करेगा।
बल्लभगढ़, पृथला, पलवल और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रोजाना फरीदाबाद और दिल्ली की ओर आते-जाते हैं। फिलहाल इन क्षेत्रों के बीच सड़क और रेल परिवहन पर निर्भरता है। मेट्रो विस्तार होने से दिल्ली, फरीदाबाद और पलवल के बीच आने-जाने का विकल्प बढ़ेगा और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ाव भी बेहतर होने की उम्मीद है। एचएमआरटीसी की बैठक में गुरुग्राम रैपिड मेट्रो के बढ़ते यात्रियों की जानकारी भी दी गई। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच 88.81 लाख यात्रियों ने रैपिड मेट्रो में सफर किया। पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 79.57 लाख थी। यानी यात्रियों की संख्या में 11.62 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। इसी अवधि में परिचालन से होने वाली आय भी 16.66 करोड़ से बढ़कर 18.60 करोड़ रुपये हो गई। गैर-किराया आय में भी 64.34 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
हरियाणा में कई नए मेट्रो और नमो भारत कॉरिडोर की तैयारी
एचएमआरटीसी की बोर्ड बैठक में प्रदेश की कई बड़ी सार्वजनिक परिवहन परियोजनाओं पर चर्चा हुई। इनमें 136.30 किलोमीटर लंबा दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर प्रमुख है। इस परियोजना पर करीब 33,051 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कॉरिडोर पर 17 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसके अलावा गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा नमो भारत कॉरिडोर का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। इसका उद्देश्य हरियाणा व उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करना है। वहीं, गुरुग्राम के सेक्टर-56 से पंचगांव तक मेट्रो कॉरिडोर की मंजूरी प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच गई है। करीब 35.25 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर पर 28 स्टेशन प्रस्तावित हैं। यह कॉरिडोर आगे पंचगांव में नमो भारत कॉरिडोर से जुड़ेगा।