- नवरात्रों के सीजन से लौटी रौनक, हल्के गहनों की ऑन द स्पॉट ज्यादा डिमांड
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एक सप्ताह के अंदर धनतेरस और दीपावली का त्योहार है जोकि सराफा कारोबार के लिए सबसे बेहतरीन समय माना जाता है। सोने के दाम में अचानक तेजी से वृद्धि और पितृपक्ष के चलते हरियाणा का सराफा बाजार सूना पड़ गया था। अब त्योहारी सीजन में सूने पड़े बाजार में रौनक लौटी है और ग्राहकों के आगमन से बाजार गुलजार दिखने लगा है। इस बार पहले से ऑर्डर नहीं बल्कि ऑन द स्पॉट हल्के गहनों की खरीद ज्यादा बढ़ी है।
हरियाणा अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष योगेंद्र वर्मा ने बताया कि इस बार सोने-चांदी के दाम में अप्रत्याशित तौर पर वृद्धि के कारण पहले से गहनों की बुकिंग बहुत कम की गई। इतना ही नहीं बल्कि बड़े कारोबारियों के पास छोटे कारोबारियों द्वारा सोने-चांदी की जुबानी बुकिंग को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया। इस वजह से ऑन द स्पॉट बिक्री पर काफी जोर है।
वर्मा ने बताया कि त्योहारी सीजन में दोबारा से सोने-चांदी के दाम में बेतहाशा वृद्धि हुई है। वर्तमान में चांदी 1.80 लाख रुपये किलो और सोना 1.30 लाख रुपये तोला (24 कैरेट) पहुंच गया है। हालांकि पहले भारी और डिजाइनर गहने बनवाने वाले लोग पितृपक्ष से ऑर्डर करने लगते थे और नवरात्रों में ऑर्डर की धूम मच जाती थी। इस बार स्थिति एकदम उलट है। पितृपक्ष से पहले हर बार के मुकाबले मात्र 15 से 25 फीसदी ही ऑर्डर मिले थे। इसी तरह नवरात्रों में भी ऑर्डर कम मिले।
2023 में धनतेरस पर सोना 55 हजार रुपये तोला था
2023 में धनतेरस के समय सोने का दाम 55 हजार से 58 हजार रुपये तोला था जबकि चांदी 50 हजार रुपये किलो थी। अक्तूबर 2024 में धनतेरस पर सोने का दाम 78 से 80 हजार रुपये तोला पहुंच गया है। चांदी एक लाख एक हजार रुपये किलो थी। 2025 के नवरात्रों तक ही सोने का दाम 1.30 लाख रुपये तोला और चांदी का दाम 1.80 लाख रुपये किलो तक छू चुका है।
2024 में धनतेरस पर 1100 करोड़ का हुआ था कारोबार
हरियाणा अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के मुताबिक 2024 में नवरात्र से बंपर ऑर्डर मिलने लगे थे। धनतेरस पर प्रदेश में करीब 1,100 करोड़ रुपये के सोने-चांदी की बिक्री हुई थी।