नशे के खिलाफ अमर उजाला के चलाए अभियान में शामिल होकर लोगों को नशे के दुष्प्रभाव बताने होंगे। नशे के खिलाफ संस्कृतिकर्मियों को भी आगे आना होगा। युवा पीढ़ी उनको फॉलो करती है। ऐसे में युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में उनकी भूमिका अहम हो सकती है। पंजाब के बाद हरियाणा के युवाओं को भी नशे की लत लगने लगी है। प्रदेश के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए आगे आना होगा।
- मंदीप जांगड़ा, अर्जुन अवॉर्डी, बॉक्सर।
अमर उजाला का अभियान युद्ध नशे के विरुद्ध समाज से जुड़ा हुआ है। इससे सबको जुड़ना चाहिए। फतेहाबाद में बच्चे और युवा नशे की गिरफ्त में फंसे हुए हैं। उनको बुराई से निकालना बहुत जरूरी है क्योंकि नशे से परिवार तबाह हो रहे हैं। नशे से बचाव के लिए खेलों को बढ़ावा दिया जाना जरूरी है। स्कूलों में इसको लेकर खेल और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाना चाहिए। पुलिस और पंचायतों को अपनी भागीदारी बढ़ानी चाहिए। - देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित।