गिरफ्तारी के ये पांच तरीके, कहानी एक जैसी
- पुलिस नाका देखकर संदिग्ध घबराकर भागने की कोशिश करने में गिरफ्तार किया गया।
- बस स्टैंड पर पुलिस को देखकर संदिग्ध ने तेज कदम से चलकर छिपने की कोशिश की।
- पुलिस नाके पर संदिग्ध की गाड़ी रोकी, जांच में उसके पास नशा बरामद हुआ।
- मुखबीर की सूचना के आधार पर घर में स्टॉक रखा था और छापेमारी करके पुलिस ने गिरफ्तार किया।
- सूचना मिलने पर नाकाबंदी कर जांच के दौरान वाहन सवार या पैदल संदिग्ध युवक को रोककर नशा बरामद किया।
तस्कर कम नशा करने वाले ज्यादा होते हैं गिरफ्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता और एनडीपीएस एक्ट के जानकार मनोज कुमार ने बताया कि नाके पर गिरफ्तारी दिखाकर पुलिस एनडीपीएस एक्ट की मंशा ही खत्म कर देती है। नशा रखने के किसी भी संदिग्ध की तलाशी लेने से पहले उसे धारा 50 का नोटिस देकर उसकी सहमति लेनी होती है। किसी के घर, दफ्तर या जनता के बीच से गिरफ्तारी के लिए राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी अनिवार्य होती है। नाके पर गिरफ्तारी में पुलिस जांच के दौरान तस्कर को गिरफ्तार दिखाकर कई प्रक्रिया से बच जाती है। पुलिस की गिरफ्तारी में तस्कर कम और नशा करने वाले ज्यादा होते हैं।